आंगनबाड़ी केन्‍द्र
आंगनबाड़ी केन्‍द्र

अब स्‍कूलों की निगरानी में रहेंगे आंगनबाड़ी केन्‍द्र

बीकानेर। आंगनबाड़ी केन्‍द्रों पर संचालित पूर्व प्राथमिक शिक्षा के प्रभावी संचालन के लिए स्‍कूल शिक्षा के तहत संचालित राजकीय माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों द्वारा निगरानी रखी जाएगी।  जिन स्‍कूलों परिसरों में आंगनबाड़ी केन्‍द्र पहले से संचालित हैं, वे वहीं रहेंगे, लेकिन विद्यालय परिसर से बाहर तथा आधा‍ किलोमीटर की दूरी तक के आंगनबाड़ी केन्‍द्रों को स्‍कूल परिसर में लाया जाएगा।

इस आशय के आदेश राज्‍य सरकार ने जारी किए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव एवं स्‍कूल एवं भाषा विभाग के शासन सचिव द्वारा जारी परिपत्र में यह स्‍पष्‍ट किया गया है। वर्तमान में आंगनबाड़ी केन्‍द्रों पर प्रारंभिक बाल्‍यवस्‍था शिक्षा एवं देख रेख (ECCE) कार्यक्रम के तहत तीन से छह साल तक के बच्‍चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है।

राज्‍य में वर्तमान में चल रहे 13 हजार आंगनबाड़ी केन्‍द्रों में पढ़ रहे बच्‍चों को माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों द्वारा पर्यवेक्षण से प्राथमिक शिक्षा मिल सकेगी

परिपत्र के अनुसार इन बच्‍चों की आयु छह वर्ष होने पर इनका प्रवेश सीधा कक्षा एक में कराने में सुविधा रहेगी, गुणवत्‍ता पूर्ण शिक्षा से प्राथमिक शिक्षा का ढांचा सुधरेगा और आंगनबाड़ी केन्‍द्रों की गुणवत्‍ता में भी सुधार आएगा। उन सभी माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों को नजदीकी आंगनबाड़ी केन्‍द्र लेने होंगे, जहां पहले से कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं लग रही हैं।

भवन संबंधी निर्देश

जिन विद्यालय भवनों में पहले से आंगनबाड़ी केन्‍द्र चल रहे हैं, वे पूर्ववत चलते रहेंगे, बस केन्‍द्रों का समय वही रहेगा जो कि आईसीडीएस द्वारा निर्धारित है। जिन विद्यालय भवनों में कक्ष उपलब्‍ध है, वहां प्राथमिकता से आंगनबाड़ी केन्‍द्र लाए जाएंगे, उन आंगनबाड़ी केन्‍द्रों को प्राथमिकता से लिया जाएगा जो आधा किलोमीटर दूरी के भीतर हों और उनके पास खुद का भवन न हो।

पृथक कक्ष उपलब्‍ध नहीं होने की स्थिति में विद्यालय में स्‍थानीय सांसद अथवा विधायक कोष या भामाशाह की सहायता से कक्ष बनवाया जाएगा।

जिन विद्यालयों में पर्याप्‍त स्‍थान नहीं है, वे पास के आंगनबाड़ी केन्‍द्रों से संबद्ध हो जाएंगे, लेकिन केन्‍द्रों का समय आईसीडीएस के अनुसार ही चलेगा। आंगनबाड़ी के बच्‍चों के खेलने का स्‍थान विद्यालय परिसर में ही रखा जाएगा, इसकी जिम्‍मेदारी संस्‍था प्रधान की होगी। विद्यालय के बच्‍चों से अलग आंगनबाड़ी बच्‍चों के खेल का मैदान रहेगा।

एनटीटी शिक्षक संबंधी निर्देश

राज्‍य में कई क्षेत्रों में एनटीटी शिक्षक आंगनबाड़ी केन्‍द्रों पर नियुक्‍त किए गए हैं, इन पर आईसीडीएस का ही नियंत्रण रहेगा। अगर आंगनबाड़ी में एनटीटी शिक्षक है तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की अनुपस्थिति में एनटीटी की ही केन्‍द्र की पूरी जिम्‍मेदारी रहेगी। नर्सरी शिक्षक की उपस्थिति का प्रमाणन प्रधानाध्‍यापक से भी कराया जाएगा।

पर्यवेक्षण और संबलन (Supervision and support)

केन्‍द्र का समय भले ही आईसीडीएस के अनुसार होगा, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति प्रधानाचार्य के पास ही लगेगी। विद्यालय के प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षक (प्रमुखता से शिक्षिकाएं) आंगनबाड़ी केन्‍द्र की मेंटर के रूप में कार्य करेंगी। प्राचार्य किसी महिला को मेंटर के रूप में नियुक्‍त करेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अवकाश से पहले मेंटर को सूचित करेंगे, वैकल्पिक व्‍यवस्‍था होने तक कक्षा सात की बालिकाओं के सहयोग से आंगनबाड़ी केन्‍द्र के बच्‍चों की खेल गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्‍न योजनाओं का संचालन प्रधानाचार्य के निर्देशन में कक्षा सात की बालिकाओं को साथ मिलाकर किया जाएगा। केन्द्र के पोषाहार की गुणवत्‍ता पर प्रधानाचार्य निगाह रखेंगे।

बच्‍चों की प्रगति एवं कार्ययोजना पर भी प्रधानाचार्य का नियंत्रण रहेगा

समेकित बाल विकास सेवाएं कार्यक्रम के तहत महिला पर्यवेक्षक केन्‍द्र की जांच करती है। इस जांच की प्रति भी प्रधानाचार्य को दी जाएगी। प्रधानाचार्य अपने स्‍तर पर भी केन्‍द्र की समीक्षा रिपोर्ट बनाकर डीईओ सेकण्‍डरी को भेजेंगे।

शाला दर्पण से जुड़ेंगे आंगनबाड़ी केन्‍द्र

वर्तमान में सभी स्‍कूलों को डाटा शाला दर्पण पर लगातार अपडेट होते हैं, स्‍कूलों के साथ जोड़ देने के बाद आंगनबाड़ी केन्‍द्रों के डाटा भी शाला दर्पण पर अपडेट होंगे।

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