The Minister of State for Human Resource Development and Water Resources, River Development and Ganga Rejuvenation, Dr. Satya Pal Singh launching the Annual Refresher Programme in Teaching (ARPIT), in New Delhi on November 13, 2018. The Secretary, Department of Higher Education, Shri R. Subrahmanyam and other dignitaries are also seen.

अच्‍छे शिक्षकों को विकसि‍त करना कठिन कार्य है और यदि शिक्षक पर्याप्‍त संकल्‍प दिखाते हैं तो एआरपीआईटी फैकल्‍टी को सशक्‍त बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह बात समारोह को संबोधित करते हुए मानव संसाधन विकास राज्‍य मंत्री डॉ. सत्‍य पाल सिंह ने कही। ऐनुअल रिफ्रेशर प्रोग्राम इन टीचिंग (एआईरपीआईटी) एमओओसी प्‍लेटफार्म स्‍वयं का उपयोग करते हुए 15 लाख उच्‍च शिक्षा फैकल्‍टी के ऑनलाइन पेशेवर विकास के लिए प्रमुख पहल है।

उन्‍होंने नई दिल्‍ली में दो नई पहल – लीडरशिप फॉर एकेडेमिशियंस प्रोग्राम (एलईएपी) तथा ऐनुअल रिफ्रेशर प्रोग्राम इन टीचिंग – को लांच किया। उन्‍होंने इन दोनों पहलों की सूचना पुस्तिका भी जारी की।

संकल्‍पबद्ध शिक्षक विश्‍वास और सक्षमता विकसित करेंगे तथा प्रभावशाली संवादकर्ता होंगे, ताकि वे सूर्य की किरणों की तरह ज्ञान बिखेरने में प्रभावशाली संवादकर्ता होंगे। मानव संसाधन विकास राज्‍य मंत्री ने कहा कि अच्‍छे शिक्षक के गुणों तथा प्रभावशाली नेतृत्‍व का मेलजोल करना काफी कठिन कार्य है, लेकिन यह कार्य अंसभव नहीं है।

एलईएपी इस महत्‍वपूर्ण आवश्‍यकता को पूरा करेगा, जिससे उच्‍च शिक्षण संस्‍थान बेहतर विद्या‍र्थी विकसित करने की भूमिका निभाएंगे। डॉ. सत्‍य पाल सिंह ने कहा कि नेतृत्‍व को वर्तमान और भविष्‍य सभी पीढि़यों की बात करनी होगी, तभी संस्‍थागत विकास हासिल किया जा सकता है।

केन्‍द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री  प्रकाश जावडेकर ने अपने वीडियो संदेश में इन पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनसे शिक्षण की गुणवत्‍ता में बदलाव आएगा और नेतृत्‍व में सुधार होगा। इसके परिणामस्‍वरूप उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों की गुणवत्‍ता बढ़ेगी। उन्‍होंने पढ़ने-पढ़ाने के अनुभवों को संपन्‍न बनाने के लिए हाल की घटनाओं की नवीनतम जानकारी रखने की आवश्‍यकता पर बल दिया। शिक्षण संस्‍थानों का नेतृत्‍व करने वालों के लिए अकादमी और प्रशासनिक नेतृत्‍व का मेलजोल करना समान रूप से आवश्‍यक है। उन्‍हांने आशा व्‍यक्‍त की कि एलईएपी भविष्‍य के लिए उच्‍च शिक्षण नेतृत्‍व सृजन में सहायक साबित होगा। उन्‍होंने उच्‍च शिक्षा फैकल्‍टी से इन दो पहलों का लाभ उठाने की अपील की।

समारोह में उच्‍च शिक्षा सचिव, विश्‍व विद्यालय अनुदान आयोग के अध्‍यक्ष, एआईसीटीई के उपाध्‍यक्ष तथा उच्‍च शिक्षा विभाग, यूजीसी तथा एआईसीटीई के वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्थित थे। समारोह में कुलपति, निदेशक, स्‍वशासी संस्‍थाओं के प्रमुख, एआरपीआईटी के, राष्‍ट्रीय संसाधन केन्‍द्र के परियोजना समन्‍वयकर्ता और एलईएपी प्रशिक्षण संस्‍थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उच्‍च शिक्षा सचिव  आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि ये दोनों पहलें अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण हैं, क्‍योंकि इनसे परिवर्तकारी शिक्षक और नेता तैयार होंगे। यूजीसी के अध्‍यक्ष प्रोफेसर डीपी सिंह ने आश्‍वासन दिया कि यूजीसी फैकल्‍टी के करियर विकास के लिए एआरपीआईटी की मान्‍यता संबंधी अधिसूचना जारी करेगा।

लीडरशिप फॉर एकेडेमिशियंस प्रोग्राम (एलईएपी) सरकारी उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों में द्वतीय स्‍तर के अकादमिक क्षेत्र के लोगों के लिए तीन सप्‍ताह का (दो सप्‍ताह घरेलू तथा एक सप्‍ताह विदेशी प्रशिक्षण) अग्रणी नेतृत्‍व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्‍य दूसरे स्‍तर के अकादमिक प्रमुखों को भविष्‍य में नेतृत्‍व भूमिका अपनाने के लिए तैयार करना है।

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