Private Play School प्राइवेट प्ले स्कूलों को मान्यता

प्राइवेट प्ले स्कूलों को मान्यता

चंडीगढ़। पहली बार, यूटी शिक्षा विभाग ने चंडीगढ़ में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के निर्देशों के अनुसार निजी प्ले स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिशानिर्देशों के तहत, विभाग ने मान्यता प्राप्त करने के इच्छुक प्ले स्कूलों द्वारा भरने के लिए एक फॉर्म तैयार किया है।

छः पेज के इस फॉर्म में स्कूल, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ, शिक्षण सहायक सामग्री, पुस्तकालय, खेल सामग्री, खेल, खेल उपकरण, स्वास्थ्य और बच्चों के रेकॉर्ड पर आधारित विभिन्न प्रश्न हैं। इनके उत्तरों के आधार पर निर्धारित किया जाएगा कि स्कूलों को मान्यता दी जाएगी या नहीं।

अधिकारियों ने कहा, यह कदम पूर्व-विद्यालय शिक्षा प्रदान करने वाले सभी निजी शैक्षणिक संस्थानों में समावेश और एकरूपता लाने और तीन से छह साल के बच्चों के बच्चों के खिलाफ बाल अधिकारों का उल्लंघन रोकने के उद्देश्य से है। अब तक केवल 73 प्राथमिक, मध्य, उच्च और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को ही प्रशासन से मान्यता मिली है। शिक्षा का अधिकार पहले से ही राज्य को प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान करने के लिए कहता रहा है। जिसके हिसाब से प्राथमिक शिक्षा के लिए तीन साल से ऊपर के बच्चों को तैयार करने और छह वर्ष की आयु पूरी करने तक सभी बच्चों की देखभाल और शिक्षा के लिए सरकार मुफ्त प्री-स्कूल शिक्षा की आवश्यक व्यवस्था करेगी। निजी प्ले स्कूलों को मान्यता देने का अब तक कोई प्रावधान नहीं था।

आरटीई की भावना को ध्यान में रखते हुए, एनसीपीसीआर ने ऐसे निजी शैक्षिक संस्थानों के लिए विनियामक दिशानिर्देश तैयार किए हैं और राज्य सरकार से उन्हें पहचानने के लिए कहा ताकि इन्हें विनियमित किया जा सके। अधिकारियों ने बताया, लगभग सात स्कूलों ने पहले ही फॉर्म नंबर 1 जमा कर दिया है। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘इसके अलावा विभाग ने नौ और प्ले स्कूलों की भी पहचान की है। हम फॉर्म तो लेंगे ही, मान्यता देने से पहले स्कूलों का निरीक्षण भी करेंगे।’

साभार : नभाटा

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