शिक्षक चिंतित : प्रदेश के चालीस हजार शिक्षकों के सामान्य प्रावधायी निधि तथा राज्य बीमा में करीब एक साल से कटौती नहीं हो रही है

बीकानेर। वर्ष २०१२ में चयनित प्रदेश के चालीस हजार शिक्षकों के सामान्य प्रावधायी निधि तथा राज्य बीमा (insurance) में करीब एक साल से कटौती नहीं हो रही है। इससे शिक्षक चिंतित हैं। कटौती नहीं होने से सेवारत कार्मिकों की मृत्यु होने पर कोई क्लेम नहीं मिल पाता है। राज्य बीमा की कटौती सामान्यतया मार्च के वेतन से शुरू की जाती है। साल २०१२ के चयनित प्रारंभिक शिक्षकों का परीवीक्षा काल पूर्ण होने जाने के बाद भी राज्य बीमा में कटौती आहरण-वितरण अधिकारी नियमित रूप से नहीं कर रहे हैं। परीवीक्षाकाल पूर्ण होने पर मई-२०१६ से नौ माह की एसआई की कटौती की गई, जो सस्पेंस अकाउंट में है। इसके बाद इसे बंद कर दिया गया। पहले बीईईओ के अधीन व्यवस्था होने से माह के अंतिम दिनों में शिक्षकों को वेतन मिल जाता था, लेकिन जब से पीईईओ को वित्तीय अधिकार दिए गए हैं, एरियर तो दूर वेतन भी समय पर नहीं मिल रहा है। इन शिक्षकों को राज्यबीमा के यू नंबर जारी नहीं किए जाने से कटौती बंद कर दी गई है। मार्च -२०१५ में इनकी एसआई की कटौती डीडीओ की ओर से की जानी थी, लेकिन कटौती नहीं हुई। अब एक साथ कटौती होगी, तो शिक्षकों पर काफी भार पड़ेगा।

मामले सामने आए

मार्च में एसआई की कटौती करवानी चाहिए। अगर शिक्षकों का नियमित वेतन व स्थायीकरण नहीं होता है तो एसआई कटौती नहीं हो पाती है। इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।

-डीबीएस भंडारी, संयुक्त निदेशक, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग

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