Arun Swami

जज्बे को सलाम : नवविवाहिताओं को परीक्षा देने पहुंचने की तस्वीरें तो आमतौर पर देखी जाती है, लेकिन हादसे में घायल होकर भी परीक्षा नहीं छोडऩा कुछ अलग बात है

गींगला। नवविवाहिताओं को परीक्षा देने पहुंचने की तस्वीरें तो आमतौर पर देखी जाती है, लेकिन हादसे में घायल होकर भी परीक्षा नहीं छोडऩा, कुछ अलग बात है। ये छात्र का जज्बा ही कहिए कि हादसे में घायल होने के अगले ही दिन छात्र परीक्षा देने पहुंचा। परीक्षा केंद्र में नहीं बैठ पाने की स्थिति में घायल छात्र के लिए खास तौर पर एम्बुलेंस में ही बैठकर पर्चा हल करने की अनुमति दी गई।

मामला कुराबड़ क्षेत्र के बम्बोरा स्थित राउमावि का है, जहां 12वीं बोर्ड का दूसरा पर्चा हो रहा था। आम्बागुड़ा निवासी छात्र हीरालाल पुत्र शंकर पटेल परिसर में ही खड़ी एम्बुलेंस में बैठकर पर्चा हल कर रहा था। हीरालाल राउमावि बंबोरा में 12वीं वाणिज्य संकाय का छात्र है। हीरालाल शुक्रवार को बंबोरा-रावतपुरा मार्ग पर बाइक-जीप भिड़ंत में घायल हो गया था। हादसे में घायल होने के बाद छात्र हीरालाल को बंबोरा पीएचसी से उदयपुर रेफ र कर गया था। दुर्घटना में हीरालाल का दायां पैर फे्र क्चर हो गया था। निजी अस्पताल में उपचार के दौरान पैर में रॉड लगाकर प्लास्तर चढ़ाया गया। हादसे में हीरालाल का चचेरा भाई दिलीप पुत्र पूनमचंद पटेल भी घायल हुआ, जो 10वीं का छात्र है। उसकी परीक्षा 15 मार्च से है। शनिवार को हिन्दी अनिवार्य का पेपर था। छात्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों और परिजनों ने पेपर छोडऩे की बात कही, लेकिन छात्र हर हाल में पेपर देने पर अड़ा रहा। छात्र की इच्छा पूरी करने के लिए परिजन तैयार हो गए। अस्पताल प्रशासन से अनुमति लेकर निजी एम्बुलेंस से शनिवार सुबह 8.30 बजे बंबेारा स्कूल परीक्षा केन्द्र पहुंचे। स्कूल प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एम्बुलेंस स्कूल परिसर में खड़ी करवाकर परीक्षा दिलवाई। वीक्षक देवीलाल शर्मा की मौजूदगी में छात्र ने परीक्षा दी।

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