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अजमेर। वार्षिक परीक्षा परिणाम आने के बाद बाद विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन भरवाए जाएंगे। सीबीएसई की बारहवीं और दसवीं की सप्लीमेंट्री और श्रेणी सुधार परीक्षा जुलाई में होगी। वार्षिक परीक्षा परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों (Special for students) से ऑनलाइन आवेदन भरवाए जाएंगे। अजमेर, नई दिल्ली, इलाहाबाद, देहरादून, तिरुवनंतपुरम, पटना, भुवनेश्वर, चेन्नई, गुवाहाटी और पंचकुला रीजन में करीब 28 लाख विद्यार्थी दसवीं और बारहवीं की मुख्य परीक्षाएं दे रहे हैं। इनके परिणाम मई में जारी होंगे। प्रतिवर्ष मुख्य परीक्षा में कम नंबर आने पर विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री और श्रेणी सुधार में शामिल किया जाता है। ऐसे विद्यार्थियों की परीक्षाएं जुलाई के दूसरे पखवाड़े में होंगी। मालूम हो कि बारहवीं के सभी विषयों की सप्लीमेंट्री परीक्षा एक ही दिन में होती हैं। दसवीं की विषयवार श्रेणी सुधार परीक्षा एक सप्ताह तक चलती हैं। सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की सालाना परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू हुई हैं। इसके लिए देशभर में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सीबीएसई ने परीक्षा के दौरान जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई हैं। इनके अलावा पर्यवेक्षक भी नियुक्ति किए गए हैं।

टोल फ्री नंबर पर परामर्श सेवा

विद्यार्थी मोबाइल, लैडलाइन अथवा टोल फ्री नम्बर पर विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। इनमें किसी विषय में कठिनाई, मानसिक, शारीरिक या व्यक्तिगत समस्या, पाठ्यक्रम और कॅरियर से जुड़े सवालों के जवाब दिए जा रहे हैं। सीबीएसई ने कई स्कूल के प्राचार्यों, शिक्षकों, विशेषज्ञों और मनोविज्ञानियों को इससे जोड़ा है। रिजल्ट आने तक स्टूडेंट्स को यह सुविधा मिलेगी।

परिणाम मई में

दसवीं और बारहवीं के नतीजे मई में घोषित होंगे। इस बार परीक्षाएं 13 अप्रेल को खत्म हो जाएंगी। लिहाजा बोर्ड को कॉपियों के मूल्यांकन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। बोर्ड बारहवीं और दसवीं के नतीजे मई के दूसरे पखवाड़े में जारी कर देगा।

श्रेणी सुधार या सप्लीमेंट्री

सीबीएसई ने पिछले साल तक सतत एवं समग्र मूल्यांकन के तहत दसवीं की परीक्षाएं दो पैटर्न पर कराई थी। इसमें स्टूडेंट्स स्कूल और बोर्ड पैटर्न की परीक्षा में बैठते थे। किसी स्टूडेंट को फेल नहीं किया जाता था। इसके बजाय स्टूडेंट्स को कम ग्रेड आने पर केटेगेरी चेंज (श्रेणी सुधार) का अवसर मिलता था। स्टूडेंट्स को तीन चांस मिलते थे। इसमें उसके केटेगेरी चेंज नहीं करने पर वापस दसवीं के सभी पेपर वापस देने पड़ते थे। इस बार दसवीं की परीक्षाएं बोर्ड करा रहा है। ऐसे में श्रेणी सुधार या सप्लीमेंट्री को लेकर बोर्ड को फैसला लेना होगा।

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