UGC Net exam pattern

विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने शिक्षा की गुणवत्‍ता में सुधार के लिए कई नए प्रयोग शुरू किए हैं। इसके तहत परीक्षा प्रणाली में ग्रेड और क्रेडिट ट्रांसफर, संतु‍लन पद्धति, मांग आधारित परीक्षा जैसे ठोस परिवर्तन का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आयोग ने 22 जून 2018 तक विशेषज्ञों और आमजन की राय आमंत्रित की है।

आयोग ने हायर एज्‍युकेशन इंस्‍टीट्यूट्स में एज्‍युकेशन पैटर्न सुधार के लिये विशेष निर्दिष्ट विषयवस्तु पर विचार पूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिये सुझाव मांगा है।

विशेषज्ञों और आमजन से परीक्षा प्रणाली के उद्देश्य, भारत में अनुसरण किये जा सकने योग्य परीक्षा प्रणाली के मॉडल तथा परीक्षा प्रणाली में अपेक्षित संरचनात्मक एवं प्रणाली परिवर्तन के बारे में राय मांगी गई है। आयोग ने परीक्षा प्रणाली में ग्रेड एवं क्रेडिट ट्रांसफर, संतुलन पद्धति, मांग आधारित परीक्षा, आंतरिक परीक्षा तथा बाह्य परीक्षा के बारे में भी सुझाव मांगे गए हैं।

यूजीसी ने आकदमिक सुधार के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप, प्रश्न कोष, न्यूनतम मानकीकृत संरचना की जरूरत तथा डिग्री के अंत में सभी स्नातक एवंं पूर्व छात्रों की क्षमता की जांच के महत्व के बारे में राय मांगी है। आयोग ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में मूल्यांकन प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम की घोषणा तथा अंकतालिक एवं डिग्रियां प्रदान करने के विषय पर भी सुझाव मांगे हैं।

अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों में अकादमिक सुधार लाने के लिये विविध सुधार एवं परिवर्तन किये हैं । उच्च शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा अधिगम परिणामों पर आधारित पाठ्यक्रम प्रारूप के आधार पर पाठ्यक्रम का निर्माण, विकास एवं नियमित संशोधन यूजीसी की एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधार कार्य इस दिशा में किये गए प्रमुख कार्य परिवर्तनों में से एक हैं। इन परिवर्तनों में परस्पर सामंजस्य के लिये परीक्षा प्रणाली में इन सुधार कार्यों को प्रस्तावित करने के लिये एक समिति का गठन किया गया है।

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