ऑनलाइन कक्षाओं के नाम पर वसूली के विरोध में बंद का आह्वान

कोविड के चलते भले ही स्‍कूलें बंद पड़ी हों, लेकिन अपने छात्रों से फीस वसूली में निजी विद्यालय किसी प्रकार की कोताही नहीं बरत रहे। छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखने के क्रम में प्राइवेट स्‍कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर रखी हैं और घर बैठे बच्‍चों पर लगातार फीस जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे अभिभावकों में खासा रोष है।

चित्तौड़गढ़ जिले के कुछ बड़े विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर फीस लेने एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं कराने के निर्णय के विरोध में जिला अभिभावक संघ के आव्हान पर सोमवार को बाजार बंद रखने की घोषणा की गई है।

संघ के जिला संयोजक नीलेश बल्दवा ने आज बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं राजस्थान शिक्षा बोर्ड से सम्बद्ध जिले में संचालित कुछ बड़े प्रतिष्ठित विद्यालय विद्यार्थियों से ऑनलाईन शिक्षा के नाम पर जबरन फीस वसूली की जा रही है और अधूरी पाठ्यक्रम कराने के बावजूद अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं भी आयोजित करने पर आमादा हैं। ऐसे में इन विद्यालय प्रबंधकों की मनमानी के विरोध में संघ ने शहर के व्यापारियों से बातचीत करके सोमवार को जिला मुख्यालय के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने का आव्हान किया है।

संघ के सह संयोजक डॉ. सुशील मेहता ने बताया कि शहर के व्यापारिक संघों के अलावा कई समाज प्रमुखों से भी इस सम्बंध में बात की है और उन्होंने अपना समर्थन भी व्यक्त किया है। गौरतलब है कि संघ इससे पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को भी मांग पत्र दे चुके हैं।