चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 : ताकि फिर न हो प्रद्युम्‍न ठाकुर जैसा हादसा

Child helpline number 1098

चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 : ताकि फिर न हो प्रद्युम्‍न ठाकुर जैसा हादसा

गुरूग्राम के रेयान स्कूल में हुई स्कूली छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की मौत के बाद अब राजस्थान का शिक्षा विभाग भी हरकत में आया है। शिक्षा विभाग जल्द ही अब सरकारी और निजी स्कूलों के लिए गाइड लाइन तय करने वाला हैं, जिसमें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसका खास ध्यान रखा जाएगा। विद्यार्थियों और शिक्षकों में चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 के प्रति जागरुकता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।

विभाग अब प्रदेशभर के स्कूलों में खास निर्देश जारी करेगा, जिसके तहत स्कूलों को अपने यहां नियुक्त स्टाफ की तमाम जानकारियां अभिभावकों से साझा करनी होगी। बाकायदा बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा। अभिभावकों के स्कूल प्रशासन का तालमेल हो इसके लिए पैरेंट टीचर्स मीटिंग पर जोर दिया जाएगा।

स्कूलों के स्टाफ की ट्रेनिंग और उनकी भी बाकायदा संवेदशीलता परखी जाए, उनका पिछला रिकॉर्ड देखा जाए। बच्चों की भी मनोवृ़त्ति समझने के लिए भी समय-समय पर काउंसलिंग की जाए, स्कूलों में सुझाव, शिकायत पेटिकाएं रखने और मॉनिटरिंग बढ़ाने पर जोर दिए जाने की बात भी इन निर्देशों को शामिल किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी का कहना है कि वे खुद इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों से चर्चा कर जल्द ही सभी स्कूलों को निर्देशित करेंगे।

जयपुर के स्कूलों में सुझाव पेटिका

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के शोषण की घटनाओं की रोकथाम के लिए स्कूलों में सुझाव पेटिका लगाने की व्यवस्था चाइल्ड हेल्प लाईन न. 1098 के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश बाल कल्याण समिति की सोमवार को हुई बैठक में दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी जयपुर प्रथम द्वितीय को स्कूलों में सुझाव पेटिका चाइल्ड हेल्प लाइन नं. 1098 अंकित करवाने के आदेश दिए गए हैं। डीईओ को आदेश की पालना रिपोर्ट 15 दिवस में समिति को भेजनी होगी। और साफ किया गया है कि इसमें कोई कोताही बरती जाए। बैठक में समिति अध्यक्ष नरेंद्र सिखवाल, सदस्य निशा पारीक, मीना यादव, चक्रकीर्ति सामवेदी आनंद बिहारी पारीक उपस्थित रहे।