नवोदय विद्यालय सौर ऊर्जा का उपयोग करेंगे

The Union Minister for Human Resource Development, Shri Prakash Javadekar

नवोदय विद्यालय सौर ऊर्जा का उपयोग करेंगे

मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) को सभी नवोदय विद्यालयों में सौर ऊर्जा अपनाने के उपाय करने का निर्देश दिया।

नवोदय विद्यालय समिति की कार्यकारी समिति की 35वीं बैठक की आज नई दिल्ली में अध्यक्षता करते हुए उन्होंने इस बारे में विद्युत मंत्रालय से मार्गदर्शन लेने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में नवोदय विद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन की सराहना की और विशेष रूप से आईआईटी-जेईई एडवांस और एनईईटी में नवोदय विद्यालय के छात्रों के शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा की।

उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि एनईईटी में भाग लेने वाले नवोदय विद्यालय के 14183 विद्यार्थियों में से 11875 इस परीक्षा में उत्तीर्ण हुए और 7000 से अधिक छात्र पहले ही विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा चुके हैं। नवोदय विद्यालय पहले ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के ब्रांड बन गए हैं और हाल की सफलताओं ने इसके ब्रांड में और बढ़ोतरी की है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्वेच्छा से छात्रों का मार्गदर्शन करने में एनवीएस के कुछ छात्रों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए, श्री जावड़ेकर ने एनवीएस के पूर्व छात्रों को इस कार्य में जोड़ने के लिए सोशल मीडिया नेटवर्क का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा, कि इससे पूर्व-छात्रों की स्वैच्छिक भागीदारी का आधार व्‍यापक होगा और विद्यालयों की प्रगति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने नवोदय विद्यालयों के पूर्व छात्रों से अपील की कि वे स्‍वेच्‍छा से बड़े पैमाने पर आगे आएं। श्री जावड़ेकर ने यह इच्‍छा जाहिर की कि जिन शिक्षकों को छात्रवृति के माध्‍यम से विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है उनके प्रशिक्षण और उसका प्रणाली में उपयोग करने के बारे में अपनी रिपोर्ट साझा करने के लिए कहा जाए।

उन्‍होंने यह भी निर्देश दिया कि जल और सौर ऊर्जा संचयन को नए भवनों की योजनाओं के प्रस्‍ताव का एक हिस्‍सा होना चाहिए। उन्‍होंने मौजदा परिसरों में बायो गैस संयंत्रों और जल संचयन की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी कहा। नवोदय विद्यालय समिति के कामकाज की समीक्षा करते हुए उन्‍होंने समिति को छात्र-शिक्षक साथ रहने, स्‍कूल परिसर में साथ रहने वाले शिक्षकों और छात्रों के स्‍वास्‍थ्‍य सुधारक सकारात्‍मक प्रभाव का अध्‍ययन करने के लिए भी कहा।

श्री जावड़ेकर ने पूर्वात्‍तर क्षेत्र में शिक्षकों के सभी पद भरने में समिति के प्रयासों की भी सराहना की। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री श्री उपेंद्र कुशवाहा, स्‍कूल शिक्षा सचिव श्री अनिल स्वरूप, मानव संसाधन विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार, नवोदय विद्यालय समिति आयुक्‍त, अन्य सदस्यों और समिति के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


श्रीमती मेनका संजय गांधी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान किये

महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने बच्‍चों के विकास और आईसीडीएस योजना के अंतर्गत संबद्ध क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की उल्‍लेखनीय सेवाओं के लिए आज उन्‍हें नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान किए। वर्ष 2016-17 के लिए कुल 51 कार्यकर्ताओं को पुरस्‍कृत किया गया।

यह पुरस्‍कार हर वर्ष प्रदान किए जाते हैं। इस अवसर पर श्रीमती मेनका गांधी ने पुरस्‍कार विजेताओं को बधाई दी और उनसे आग्रह किया कि वे बच्‍चों के विकास, समुदाय को एकजुट करने और जागरूकता पैदा करने के लिए समर्पण की भावना से कार्य करते रहें। उन्‍होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायक बच्‍चों के विकास में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं क्‍योंकि आईसीडीएस के अंतर्गत देश भर में इन अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को छोटे बच्‍चों की देखभाल की जिम्‍मेदारी दी गई है।

श्रीमती मेनका गांधी ने कहा कि अब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बच्‍चों और स्‍तनपान कराने वाली माताओं को भोजन के वितरण के आसपास घूमती थी। लेकिन सरकार अब आंगनवाडि़यों के प्री-स्‍कूल शिक्षा केन्‍द्रों में रूप में कार्य करने पर जोर दे रही है। इसके परिणामस्‍वरूप आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-स्‍कूल अध्‍यापक बनाने का प्रशिक्षण देने के लिए बड़े पैमाने पर कवायद शुरू की गई है। इस समय देश भर के 14 लाख आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में करीब 27 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक हैं।

इससे पूर्व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महिला और बाल विकास राज्‍य मंत्री श्रीमती कृष्‍णा राज ने कहा कि आंगनवाडि़यां स्‍वच्‍छ भारत मिशन में बड़े पैमाने पर योगदान दे सकती हैं। ऐसा पोषण को स्‍वच्‍छता से जोड़कर यानी बच्‍चों और स्‍तनपान कराने वाली माताओं को स्‍वच्‍छ वातावरण में पोषण प्रदान करके किया जा सकता है। उन्‍होंने पुरस्‍कार विजेताओं से आग्रह किया कि वे वे अन्‍य कार्यकर्ताओं के लिए उदाहरण बनें और उन्‍हें बेहतर गुणवत्‍ता की आईसीडीएस सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करें।

महिला और बाल विकास सचिव श्री राकेश श्रीवास्‍तव ने अपने स्‍वागत भाषण में कहा कि मंत्रालय आंगनवाड़ी सेवाओं में सुधार लाने के लिए चौतरफा प्रयास कर रहा है। इस सम्‍बन्‍ध में हाल में की गई पहलों में प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना का पैन इंडिया विस्‍तार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का इलेक्‍ट्रॉनिक हस्‍तांतरण, ईसीसीई के लिए दिशा-निर्देश, खाद्यान्‍न सुदृ‍ढ़ीकरण, महिला और बाल विकास मंत्रालय का ई लर्निंग पोर्टल शामिल हैं।

राष्‍ट्रीय स्‍तर के पुरस्‍कार के रूप में 25,000 रूपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है, जबकि राज्‍य स्‍तर के पुरस्‍कार के रूप में 5,000 रूपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्‍ट्रीय स्‍तर के पुरस्‍कार के लिए उन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्‍य/संघ शासित प्रदेश स्‍तर के विजेताओं में से मनोनीत किया जाता है।

राष्‍ट्रीय स्‍तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मनोनयन की संख्‍या राज्‍य/संघ शासित प्रदेशों के आकार और चल रही आईसीडीएस परियोजनाओं पर निर्भर करती है। राष्‍ट्रीय और राज्‍य स्‍तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पुरस्‍कृत करने की योजना वर्ष 2000-01 में शुरू की गई थी।