पीटीआई भर्ती 2013: अब बीपी एड डिग्रियों का मामला पहुंचा कोर्ट

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पीटीआई भर्ती 2013: अब बीपी एड डिग्रियों का मामला पहुंचा कोर्ट

जयपुर/अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई पीटीआई भर्ती 2013 में अब बीपी एड डिग्रियों का मामला कोर्ट पहुंच गया है। इस महत्वपूर्ण मामले में प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से बीपी एड करने वाले अभ्यर्थियों की डिग्री व इन संस्थानों की मान्यता पर सवाल उठाए गए हैं। मामले में सुनवाई मंगलवार को होने जा रही है।

बीपी एड कोर्स करने के लिए अयोग्य छात्रों को प्रवेश देकर बीपी एड डिग्री प्रदान कराने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अलवर निवासी जुबेर खान ने याचिका दायर की है।

इस याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर में मंगलवार को सुनवाई होगी। केंद्रीय खेल मंत्रालय की समिति के पूर्व सदस्य बाक्सर जुबेर खान इस प्रकरण की शिकायत केन्द्र व राज्य सरकार से भी कर चुके है।

खान द्वारा आरटीआई से हासिल किए गये दस्तावेजों से पता चलता है कि देश के चार राज्यों के 17 संस्थान ऐसे हैं, जिन्होंने बीपी एड कोर्स के लिए अयोग्य छात्रों को बीपी एड डिग्रियां प्रदान करा दीं।

इनमें राजस्थान के 7, महाराष्ट्र के 7, उत्तर प्रदेश के 2 और मध्य प्रदेश का एक कॉलेज शामिल है। अपनी याचिका में खान ने इन संस्थानों का पूरा विवरण भी दिया है।

आरपीएससी का जवाब

इस मामले में जुबेर खान ने आयोग से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी। इस पर आयोग के लोक सूचना अधिकारी पूरन चंद शर्मा ने जवाब संबंधित मामले में कार्रवाई करने का अधिकार आयोग के क्षेत्राधिकार से बाजवाब दिया। बीपी एड कोर्स करने के लिए अयोग्य छात्रों को प्रवेश देकर बीपी एड डिग्री प्रदान कराने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द कर उनके खिलाफ उचित कार्यवाही करने तथा पीटीआई भर्ती 2013 में शामिल अभ्यर्थियों के कागजातों की जांच करने के लिए माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर द्वारा लगाए गए। कर्मचारियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने का कार्य आयोग के क्षेत्राधिकार में नहीं है।

यह है मांग

खान का आरोप है कि इन संस्थानों से एनसीटीई के नियमों के डिग्री हासिल करने वाले लोगों ने पीटीआई भर्ती 2013 में नियुक्ति ग्रहण कर ली है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से शिकायत कर पात्रता की जांच करने वाले माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर के इस भर्ती से जुड़े कर्मचारियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की है।