पुराने नोटों को लेकर अध्यादेश को केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

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पुराने नोटों को लेकर अध्यादेश को केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

सरकार ने तय सीमा से ज्यादा 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट रखने वालों पर सख्ती बरतते हुए एक अध्यादेश लाने का फैसला किया है। अध्यादेश के मुताबिक तय सीमा से ज्यादा पुराने नोट रखने पर न सिर्फ जुर्माना लगेगा बल्कि जेल की सजा भी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी। अध्यादेश से 500 और 1000 के पुराने नोटों की औपचारिक तौर पर वैधता समाप्त हो जाएगी।

हालांकि, यह नहीं बताया गया है कि 30 दिसंबर के बाद पुराने नोट पाए जाने पर कार्रवाई होगी या फिर 31 मार्च 2017 के बाद। गौरतलब है कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को 30 दिसंबर 2016 तक बैंकों या डाकघरों में जमा किया जा सकता है। इसके बाद पुराने नोट सिर्फ आरबीआई में जमा किए जा सकेंगे। आरबीआई में पुराने नोट जमा करने की समय सीमा 31 मार्च 2017 है।

किसी व्यक्ति के पास 10 से ज्यादा पुराने नोट पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके तहत उस शख्स पर जुर्माना लगाया जा सकता है और कुछ विशेष मामलों में 4 साल तक की सजा हो सकती है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अध्यादेश लागू हो जाएगा।

दरअसल सभी नोटों पर आरबीआई धारक को उस नोट के मूल्य के बराबर राशि देने का वचन देती है। विशेषज्ञों के मुताबिक नोटों को दी गई यह वैधता तभी खत्म की जा सकती है जब हर व्यक्ति को पुराने नोटों को लौटाने का पर्याप्त समय दिया जाए और उसके बाद कानूनी तरीका अपनाकर नोट की वैधता समाप्त की जाए। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी पिछले महीने कहा था कि कुछ कानूनी कदम उठाने की जरूरत हो सकती है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव ने भी कहा था पुराने नोटों को कानूनी तौर पर पूरी तरह अमान्य करने के लिए कुछ कानूनी बदलावों की जरूरत पड़ सकती है।