शिक्षक भर्ती – 2012 : तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थाईकरण, वेतन का भुगतान के आदेश

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शिक्षक भर्ती – 2012 : तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थाईकरण, वेतन का भुगतान के आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए शिक्षक भर्ती-2012 के तहत नियुक्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों का स्थाईकरण करने और उसके अनुरूप वेतन का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।

अगली सुनवाई 6 अक्टूबर मुकर्रर की गई है। याचिकाकर्ता रजनी शर्मा अन्य की ओर से अधिवक्ता कैलाश जांगिड़ ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता सितंबर 2012 से तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। याचिकाकर्ता के आरटेट में 60 फीसदी से अधिक अंक हैं,फिर भी इनका स्थाईकरण नहीं किया जा रहा है।

इस पर 3 सितंबर 2015 को दायर याचिका पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को स्थाईकरण समस्त वेतन संबंधी परिलाभ सुप्रीम कोर्ट में निर्णयाधीन एसएलपी के तहत प्रदान किए जाने के आदेश दिए थे,लेकिन अभी तक इस आदेश की पालना नहीं की गई है। इस पर यह अवमानना याचिका दायर की गई।

अधिवक्ता ने कहा कि खंडपीठ ने भी इस संबंध में दायर राज्य सरकार की अपील याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद भी तो स्थाईकरण किया जा रहा है और प्रोबेशन पीरियड पूरा होने पर पूरा वेतन और एरियर दिया जा रहा है। इस मामले में पंचायतीराज सचिव जिला परिषद जोधपुर के सीईओ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए।

सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता एनएम लोढ़ा अतिरिक्त महाधिवक्ता एसएस लदरेचा ने कोर्ट से आग्रह किया कि आदेश की पालना के लिए समय दिया जाए। न्यायाधीश संदीप मेहता ने उनका आग्रह स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 6 अक्टूबर मुकर्रर की। साथ ही अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं का स्थाईकरण कर उसके अनुरूप वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।