सातवां वेतन आयोग : शिक्षक संगठनों ने कमर कसी

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सातवां वेतन आयोग : शिक्षक संगठनों ने कमर कसी

बीकानेर। केन्‍द्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग देने के बाद अब राज्‍य सरकार के कर्मचारियों ने भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने के लिए कमर कस ली है। शिक्षक संगठनों ने जिला एवं राज्‍य स्‍तर पर इसके लिए मुख्‍यमंत्री को ज्ञापन भेजने शुरू कर दिए हैं, इसके साथ ही आगामी संघर्ष की रूपरेखा तैयार होनी शुरू हो चुकी है।

राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ रेसला राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद प्रधानाचार्य की ओर से गुरुवार को कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया। रेसला प्रदेश सभाध्यक्ष डॉ.राजूराम चौधरी ने बताया कि रेसला के जिलाध्यक्ष कोमलसिंह चंपावत के नेतृत्व में प्राध्यापक महावीर उद्यान से कलेक्ट्रेट तक रैली के रूप में पहुंचे।

यहां पर प्रधानाचार्य पद पदोन्नति में प्रदेश में कार्यरत प्राध्यापक प्रधानाध्यापक के कॉमन वरिष्ठता सूची के आधार पर करने, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने, प्रधानाचार्यों का वेतन केंद्र के समान 7600 ग्रेड-पे के तहत करने, कृषि प्राध्यापकों को उनकी नियुक्ति तिथि से स्थाई करने तथा 31 अगस्त तक जिन व्याख्याताओं की काउंसलिंग हो गई है उनको शीघ्र नियुक्ति देने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया।

इस दौरान दौलाराम डांगी, जगदीश चौधरी, गोरखदान राव, रामलाल प्रजापत, हनुमानराम, मो.रफीक खान, शक्तिसिंह, चंडीदान चारण, राजेंद्रसिंह चौधरी, कमल व्यास, दिनेश जोशी, भैरूसिंह चारण, हेमंत कुमार, कौशल्या अग्रवाल, इंदु चौधरी, आशा मीणा, आईदानराम आदि मौजूद थे।

अखिल राजस्थान संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने राज्य सरकार से दिवाली से पूर्व सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पेश करने की मांग की है। इसके लिए महासंघ की ओर से विभिन्न विभागों और ब्लॉक में जन जागृति अभियान चलाया जाएगा। महासंघ जिलाध्यक्ष शंभूसिंह मेड़तिया ने बताया कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं करने सहित सात सूत्री मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। इसके लिए अब महासंघ आंदोलन भी करेगा।

कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ,जोधपुर ने पांचवें छठे वेतन आयोग की वेतन विसंगतियां दूर करने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने सहित सात सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शंभूसिंह मेड़तिया ने बताया कि बड़े आंदोलन की तैयारी के लिए जोधपुर के सभी सरकारी कार्यालयों में 26 अक्टूबर से गेट मीटिंग शुरू की जाएगी।