सारथी कार्यक्रम से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लाभ मिलेगा

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सारथी कार्यक्रम से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लाभ मिलेगा

देश के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ने के लिए अनिवार्य शिक्षा लागू की गई है- केन्द्रीय मंत्री जावड़ेकर

जयपुर। केन्द्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षा से जुड़े इस बात को ध्यान में रखते हुए अनिवार्य शिक्षा लागू की गई है तथा शिक्षा की गुणवता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री शुक्रवार को श्रीगंगानगर जिले में विप्र फाउण्डेशन एवं द फ्यूचर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर आयोजित आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में ‘‘सारथी’’ कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

जावड़ेकर ने सारथी कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 3 जिलों जयपुर, उदयपुर व चूरू में एक साथ किया। उन्होंने एक छात्र के प्रश्न के जवाब में कहा कि किसी भी समाज में शिक्षा के प्रति नकारात्मक धारणा नहीं है तथा देश के विभिन्न प्रदेशों मेंं शिक्षकों के रिक्त पदों केा भरने की सतत प्रक्रिया चल रही है। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि विप्र फाउण्डेशन व द फ्यूचर सोसायटी द्वारा प्रारम्भ किये गये सारथी कार्यक्रम से सुदूर गांवों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की कॉउंसलिंग का लाभ मिलेगा जिससे वे बेहतर भविष्य चुन सकेंगे।

उन्होंने सारथी योजना के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए इसके ओर विस्तार की बात भी  कही। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि आज के दौर में केरियर काउंसलिंग एक अनिवार्य शिक्षा बन रही है। विप्र फाउंंडेशन द्वारा शुरू की गई सारथी योजना का आगाज हुआ है शीघ्र ही यह विशाल आकार लेगी। काउंसलिंग के माध्यम से चूरू जिले के छात्र शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में अव्वल स्थान प्राप्त कर देश विदेश में रोजगार प्राप्त कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

उन्होंने कहा कि स्कील इंडिया के माध्यम से आने वाले वर्षों में 40 करोड़ लोगों को जोड़कर रोजगारोन्मुखी बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि सफलता हासिल करने के लिए युवाओं को चाहिए कि वे बड़े सपने देखे, जो बड़े सपने देखते है वे ही सफलता की उंचाईयों तक पहुंचते है। राठौड़ ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में राज्य सरकार ने कौशल विकास के माध्यम से प्रदेश के बेरोजगार युवको को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न पाठ्यक्रम के माध्यम से रोजगार से जोड़ा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजना के अलावा कौशल विकास के द्वारा भी रोजगार की बहुत सम्भावनाएं है। यहां के युवाओं में क्षमताओं की कमी नहीं है जरूरत बस उन्हे दिशा देने की है। विप्र फाउंण्डेशन एवं द फ्यूचर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सारथी केरियर काउंसलिंग प्रोग्राम में श्रम राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम 40 करोड़ बच्चों के सपनों की आशा की किरण है। राज्य में कौशल विकास मंत्रालय की स्थापना की गई है। इस मंत्रालय को राज्य सरकार द्वारा 1200 करोड रुपये का बजट उपलब्ध करवाया गया है।

प्रदेश भर में 185 कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र खोले गये है जिनके माध्यम से 85 हजार बच्चों को नौकरी मिली है। इन केन्द्रों में 184 तरह के कोर्स संचालित किये जा रहे है। इस अवसर पर श्रीगंगानगर जिला कलक्टर श्री ललित कुमार गुप्ता ने कहा कि सारथी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को केरियर के चयन में फायदा होगा। प्रो. कमल कोठारी ने बताया कि संस्था द्वारा चूरू सहित जयपुर के चाकसू व उदयपुर के कुम्भा में केरियर काउंसलिंग का कार्य शुरू किया गया है।

विप्र फाउंडेशन के श्रीकृष्ण जोशी ने कहा कि 5 वर्ष पूर्व विप्र फाउंडेशन द्वारा गरीब बच्चों को बिना ब्याज के ऋण देने की योजना शुरू की गई थी। योजना के माध्यम से 150 बच्चों को एक करोड़ रुपये का ऋण  उच्च शिक्षा के लिए दिया गया। इस अवसर पर समारोह अध्यक्ष श्री बनवारीलाल शर्मा ने कहा कि सारथी शीघ्र ही प्रदेश के 33 जिलों में स्थापित किया जायेगा।