भिक्षावृति करने वाले गांव के बच्चों के लिए हैप्पी स्कूल बनाने में जुटी शहर की 22 महिलाएं

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कई गांवों में बच्चों को सामग्री दी

चित्तौड़गढ़। शहर की 22 महिलाओं का एक क्लब महिला सशक्तीकरण व सामाजिक, आर्थिक दृष्टि से पिछड़े बच्चों के लिए अनूठा काम कर रहा है। छह महीने में ही कई तरह के सेवा कार्य करने के अलावा इस क्लब ने पास के लालजी का खेड़ा गांव के सरकारी विद्यालय को हैप्पी स्कूल बनाने का बीड़ा उठाया है। क्योंकि इस गांव के बच्चे अब भी भिक्षावृति जैसे काम से जुड़े हैं।

शहर की महिलाओं ने गत सितंबर में इनरव्हील क्लब की शुरुआत की। अध्यक्ष मीना चौरड़िया, सचिव महक जैनानी, उपाध्यक्ष रश्मि जैन, सह सचिव कपिला धोका व कोषाध्यक्ष माेनिका तोषनीवाल का निर्वाचन हुआ। अब तक 22 महिलाएं इससे जुड़ चुकी है। क्लब छह महीनों में ही कई गांवों के स्कूलों में जाकर बच्चों को कई तरह की सामग्री व जरूरी संसाधन भेंट कर चुका है। लालजी का खेड़ा, चंदेरिया, बराड़ा तथा भील बस्ती के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन तथा समस्याओं का समाधान कर उनको स्कूल से जोड़ने की कोशिश की। अब प्लान हैप्पी स्कूल बनाने का है। पहले लालजी का खेड़ा को चुना।

1. स्कूल जाने की बजाय भीख मांगते और नशा करते हैं बच्चे… बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष होने के नाते क्लब की सदस्य डाॅ. सुशीला लड्ढा ने लालजी का खेड़ा गांव में कई बार भ्रमण के बाद एक रिपोर्ट तैयार की। जिसके मुताबिक 250 की अाबादी में 100 में से 40 बच्चे ही स्कूल जाते हैं। बच्चे हर मंगलवार, शनिवार, एकादशी, अमावस्या व पूर्णिमा पर शहर में जाकर भिक्षावृति करते हैं। अन्य दिनों में भंगार व थैलियां बिनते हैं। कुछ बच्चे शराब, गुटका और सोल्यूशन तक का नशा करते हैं। कुपोषण के शिकार है और हेल्थ व हायजिन के बारे में समझते ही नहीं है।

यह ढूंढा समाधान: स्कूल में स्टेशनरी व ड्रेसेज बांटेंगे। यहां के बच्चों को नाचने-गाने का शौक है। इसलिए हर महीने ऐसी प्रतियोगिता कराकर पुरस्कार देंगे। नशा व कुपोषण मुक्ति के लिए शिविर लगाएंगे। ताकत की दवाइयां बांटेंगे। मोटिवेशनल स्पीच करेंगे। छोटी फिल्म प्राेजेक्टर पर दिखाकर भी बच्चों को जागरूक करेंगी। आनंददायक खेल गतिविधियां कराएगी।