320 निजी कॉलेज की एनओसी पर संकट

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पेनल्टी चुकाओ, ‘प्राणवायु’ ले जाओ, सत्र 2018-19 में एनओसी के लिए नहीं किए आवेदन, आयुक्तालय ने मोटे जुर्माने के साथ दिया अंतिम अवसर

बांसवाड़ा। प्रदेश के 320 पूर्व संचालित निजी महाविद्यालयों पर संकट आ पड़ा है। शिक्षा सत्र 2018-19 के लिए राज्य सरकार से एनओसी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि निकल चुकी है, लेकिन अब तक किसी ने ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है तो किसी ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इससे इन कॉलेजों में आगामी सत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लग सकता है। यद्यपि आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा ने ऐसे कॉलेजों को अंतिम अवसर देते हुए 15 मई से 31 मई तक एनओसी पोर्टल खोलने का निर्णय किया है। इस एनओसी रूपी ‘प्राणवायु’ के लिए उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं वार्षिक शुल्क के रूप में पेनल्टी सहित 85 हजार रुपए चुकता करने होंगे। आयुक्तालय की ओर से जारी सूची में लगभग सभी जिलों में संचालित निजी महाविद्यालय शामिल हैं।

वार्षिक शुल्क अनिवार्य

तीन वर्ष की अस्थाई अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त निजी महाविद्यालय को निजी महाविद्यालय नीति में वार्षिक शुल्क के दायरे में रखा गया है। इसके चलते उन्हें भी यह राशि चुकता करनी होगी। कई निजी कॉलेज संचालक इस नियम को लेकर गफलत में भी है, जिससे यह स्थिति बनी। इसके लिए निजी कॉलेजों की ढिलाई भी एक बड़ी वजह है।

विद्यार्थियों का क्या होगा?

कॉलेजों में हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। आयुक्तालय की ओर से इन कॉलेजों पर कार्रवाई करते हुए एनओसी निरस्त कर दी जाती है तो विद्यार्थियों का क्या होगा? नवीन सत्र में प्रवेश नहीं होने की स्थिति में भी स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थी तो इन कॉलेज में प्रवेशित हैं। ऐसे में निजी कॉलेज संचालकों की यह ढिलाई विद्यार्थियों की भी परेशानी बढ़ा सकती है। साथ ही विद्यार्थियों को आने वाले समय में अध्यापन और परीक्षा में भी परेशान होना पड़ सकता है।

प्राध्यापक परीक्षा 2015 का परिणाम होगा रीशफल

डूंगरपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग प्राध्यापक स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा 2015 के विभिन्न विषयों का परिणाम अपात्र अभ्यर्थियों के विरुद्ध संशोधित करेगा। इसके लिए आयोग ने भरतपुर और धौलपुर के जाट समुदाय के अभ्यर्थियों से 18 मई तक अभ्यावेदन मांगे हैं। आयोग उपसचिव प्रशासन दीप्ति शर्मा के अनुसार प्राध्यापक-(स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा, 2015 के विभिन्न विषयों के प्राध्यापक पदों के लिए पात्रता जांच में अपात्र हुए अभ्यर्थियों के विरुद्ध परिणाम रीशफल किया जाना है। इन पदों की परीक्षा में सम्मिलित हुए धौलपुर व भरतपुर के जाट समुदाय के अभ्यर्थी जो इस रीशफल परिणाम के लिए वर्ग परिवर्तन (सामान्य से अन्य पिछड़ा वर्ग) कराना चाहते हैं, वे अपना अभ्यावेदन मय नवीनतम अपिजा प्रमाण पत्र 18 मई को शाम 6 बजे तक आयोग कार्यालय में व्यक्तिशः अथवा डाक द्वारा प्रस्तुत करें।

स्वयं सहायता समूह ने प्रधानाचार्य पर लगाया बदसलूकी का आरोप

रोहनवाड़ी। पंचायत समिति गांगड़तलाई की ग्राम पंचायत ढालर के मुन्नाखेड़ा राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में राजीविका स्वयं सहायता समूह का कार्यक्रम था। कार्यक्रम में 11 समूह की महिलाओं ने स्वीकृति ली थी। लेकिन इस स्कूल के प्रधानाचार्य पर इन महिलाओं ने बदसलूकी करने का आरोप लगाया। समूह की महिलाओं ने सरपंच रमीला डामोर से शिकायत की। इस पर सरपंच स्कूल पहुंची। महिलाअों ने कहा कि प्रधानाचार्य सत्र के अंतिम दिन घर जाने की जल्दी में हमें जाजम और कुर्सियां नहीं दी। साथ ही बदसलूकी की। वहीं प्रधानाचार्य रामचंद्र ने बताया कि उसने किसी प्रकार की बदसलूकी नहीं की है। मैं अपने नोडल केंद्र ढालर गया था। स्कूल बंद करने का समय हो गया था, इसलिए स्टाफ भी चला गया। जाजम कुर्सी की जवाबदारी कौन लेता। हमसे लिखित में अनुमति भी नहीं ली थी। दीपिका, रमीला, मणि, गीता, कांता, प्रियंका, गीता, सविता समेत महिलाओं ने प्रधानाचार्य के खिलाफ तहसीलदार से शिकायत की।