एक गुरुकुल ऐसा भी : वैदिक परंपरा के साथ दे रहे हाईटेक शिक्षा

gurukul गुरूकुल
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श्रीगंगानगर। राष्ट्र के लिए विद्वान आचार्य तैयार करने के उद्देश्य से श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर तीन पुली से आगे मोहनपुरा रोड स्थित श्री धर्म संघ संस्कृत महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को वेदों व कर्मकांड के साथ विद्यार्थियों को कंप्यूटर व अंग्रेजी का ज्ञान भी दिया जा रहा है। यहां अध्ययनरत सभी विद्यार्थी गुरुकुल परंपरा का अनुसरण करते हैं। इसी परंपरा के तहत शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही विद्यार्थी गायों की सेवा भी करते हैं। वर्तमान में यहां राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उतर प्रदेश व मध्यप्रदेश के 46 विद्यार्थी आचार्य बनने के लिए ब्रह्मचारी कल्याण स्वरूप के निर्देशन में शिक्षा ले रहे हैं। गुरुकुल नियमों के तहत यहां विद्यार्थी सुबह चार बजे उठते हैं तथा पांच बजे तक दैनिक कार्यों से निवृत होने के बाद स्नान कर यहां बने छात्रावास से बाहर उपासना के लिए आते हैं। यहां पर संध्या, गायत्री उपासना व रूद्राभिषेक के बाद वेद पाठ करते हैं। इसके बाद नियमित रूप से यहां पर विश्व कल्याण के लिए हवन करते हैं। सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक कक्षाओं में इन्हें आचार्य जितेंद्र शुक्ल व लोकेश की ओर से वेद उपनिषद, व्याकरण व साहित्य की शिक्षा दी जाती है। राष्ट्र, माता पिता के प्रति कर्तव्य व संस्कारों से संबंधित व्याख्यान के लिए अलग से एक घंटा कक्षाएं लगाई जाती हैं। अंग्रेजी शिक्षा भी यहां विद्यार्थियों को दी जाती है। दोपहर में दो घंटे विश्राम के बाद दोपहर तीन से साढ़े पांच बजे तक खेलकूद का सत्र रहता है। शाम को संध्या, पाठ व आरती होती है। विद्यार्थियों के लिए यहां रखने, खाने व शिक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं का खर्च जनसहयोग से किया जाता है।

गुरुकुल परंपरा के तहत पहनावा, गोसेवा भी करते हैं

यहां विद्यार्थी सिले हुए वस्त्र नहीं पहनते। गुरुकुल परंपरा के तहत यहां सभी भगवा वस्त्र धारण करते हैं। धोती बांधते हैं। यहां स्थापित गोशाला में 30 गाय है। इनकी सेवा भी विद्यार्थी करते हैं। दुधारू गायों का दूध भी यहां बछड़ों का पेट भरने के बाद दुहा जाता है। यह दूध यहां आश्रम में भी उपयोग लिया जाता है।

कंप्यूटर व अंग्रेजी की शिक्षा के लिए अलग से व्यवस्था

कंप्यूटर शिक्षा के लिए यहां अलग से लैब स्थापित है। नियमित रूप से यहां विद्यार्थियों को इसकी शिक्षा दी जाती है। ब्रह्मचारी महाराज बताते हैं कि लोक कल्याण के लिए वैदिक परंपरा को बचाए रखना जरूरी है। आधुनिक युग में कंप्यूटर व अंग्रेजी का ज्ञान आवश्यक है। इस कारण इसकी शिक्षा भी यहां दी जाती है ताकि अच्छे विद्वान तैयार हो सकें।

काउंसलिंग में 20 अधिशेष शिक्षकों ने चुने स्कूल

प्रबोधक व शारीरिक शिक्षकों की काउंसलिंग जल्द होगी

श्रीगंगानगर। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय के जरिए मंगलवार को जिले के अधिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग हुई। एसडी बिहाणी बीएड काॅलेज में काउंसलिंग प्रक्रिया सुबह 8:30 बजे से शुरू हुई। पहले रजिस्ट्रेशन किया गया, फिर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक शिक्षकों ने पसंदीदा स्कूलों का चयन किया। डीईओ प्रारंभिक हरचंद गोस्वामी ने बताया कि काउंसलिंग के लिए 23 शिक्षकों को बुलाया गया था। इसमें से 20 ने मंगलवार को उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें एक शिक्षक लेवल प्रथम का था, जबकि बाकी शिक्षक लेवल सेकंड के हिंदी, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी के थे। इसके अलावा तीन पैराटीचर भी काउंसलिंग में शामिल हुए। काउंसलिंग में शामिल न होने वाले शिक्षकों को भी पदस्थापना दे दी गई है। वहीं मंगलवार को प्रबोधक व शारीरिक शिक्षकों की काउंसलिंग नहीं हुई। विभाग के आदेश आने के बाद इनकी काउंसलिंग बाद में कराई जाएगी।