राजस्थान विद्यापीठ फर्जी डिग्री मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने दर्ज किया केस

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उदयपुर। फर्जी डिग्री मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी सहित डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी), ऑल इंडिया काउंसिल आॅफ टेक्नीकल एजुकेशन (एआईसीटीई) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के संबंधित अज्ञात सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने भ्रष्टाचार की रोकथाम अधिनियम और आईपीसी की धारा 420 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि जेआरएन विद्यापीठ ने नियमों के खिलाफ डिस्टेंस एजुकेशन के तहत बीई/बी.टेक के कोर्स शुरू किए थे। सीबीआई की एफआईआर में आरोपी पक्ष के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र करने, धोखाधड़ी करने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप है।

295 से ज्यादा कोर्स बिना अनुमति चलाए

सबसे पहले दैनिक भास्कर ने उन सभी रिपोर्ट्स का खुलासा भी किया था, जिसमें स्पष्ट था कि एआईसीटीई के नियमानुसार इंजीनियरिंग सहित कई कोर्स डिस्टेंस एजुकेशन से नहीं कराए जा सकते हैं, इसके बावजूद विद्यापीठ ने ये कोर्स चला दिए थे। विद्यापीठ 295 से ज्यादा ऐसे कोर्स चला रही थी जिसके लिए वह अधिकृत नहीं थी। ६

50 हजार छात्रों की डिग्री हो गई अवैध, नौकरी पर संकट

विद्यापीठ से वर्ष 2001 के बाद से डिस्टेंस एजुकेशन से डिग्री लेने करीब 50 हजार छात्र सीधे तौर पर प्रभावित हुए थे। कोर्ट के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि विद्यापीठ ने बिना अनुमति कोर्स चलाकर डिग्रियां दी हैं, ऐसे में डिग्रियां भी वैध नहीं होंगी। इनये डिग्रियों के आधार पर हजारों लोग नौकरी पा चुके हैं।

विवि को फीस के 500 करोड़ चुकाने होंगे

विद्यापीठ का फिक्स्ड डिपोजिट करीब 50 करोड़ है, वहीं कोर्ट के आदेश के बाद विवि को करीब 500 करोड़ रुपए बतौर फीस जो, वे छात्रों से ले चुके हैं, चुकाना होगा। ऐसे में विद्यापीठ में काम करने वाले 400 लोगों का स्थाई और 200 लोगों के अस्थाई स्टाफ के भविष्य पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

प्रयोगशाला सहायकों की काउंसलिंग 12 से

उदयपुर। तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी प्रयोगशाला सहायक पद पर पदोन्नति को लेकर 12 मार्च को आरके भवन में सुबह 9:30 बजे से काउंसलिंग होगी। माध्यमिक शिक्षा उपनिदेशक भरत मेहता ने बताया कि काउंसलिंग में उपस्थित होने वाले कार्मिकों को अपनी सभी शैक्षिक और प्रशैक्षणिक योग्यता के मूल दस्तावेज सहित अपना मूल परिचय पत्र लाना अनिवार्य होगा।