CCE FAQ सीसीई के संबंध में पूछे जाने वाले आम प्रश्‍न

shivira shiksha vibhag rajasthan shiksha.rajasthan.gov.in

CCE FAQ सीसीई के संबंध में पूछे जाने वाले आम प्रश्‍न

प्रश्न – 1. सीसीई cce में बालक की ग्रेड का निर्धारण किस प्रकार किया जावे ?

उत्तर – सी सी ई में बालक का सतत आकलन किया जाता है व यह सतत आकलन ही बालक की ग्रेड के निर्धारण में मदद करता है जिसके लिए अध्यापक विभिन्न दस्तावेजों की मदद लेता है जिन्हें वह छात्र के साथ दिन-प्रतिदिन में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के दौरान दर्ज करता है जिनमें से निम्न दस्तावेज प्रमुख हैं-चैक लिस्ट, छात्र का पोर्ट फोलियों, अध्यापक योजना डायरी व समीक्षा, अध्यापक अनुभव डायरी, शिक्षण का अवलोकन, समूह कार्य, पेन्सिल पेपर टेस्ट, वर्क शीट, प्रोजेक्ट वर्क, बालक की नोट बुक, पियर मूल्यांकन, स्व मूल्यांकनउपर्युक्त सभी की मदद से अध्यापक प्रत्येक टर्म के अन्त में बालक के लिए उस टर्म में अपेक्षित दक्षता के आधार पर ग्रेड निर्धारित कर सकता है।

प्रश्न – 2. पोर्ट फोलियों में एक सप्ताह में कितनी वर्कशीट लगानी चाहिए?

उत्तर – यह प्रत्येक अध्यापक की अध्यापन शैली व विषय पर निर्भर करता है लेकिन यदि अध्यापक पोर्ट फोलियों में प्रति सप्ताह दो वर्कशीट तो लगा ही ले जो उस सप्ताह उसके द्वारा कक्षा में किए गए कार्य से संबंधित हो। लेकिन केवल पोर्ट फोलियों में वर्कशीट लगाने मात्र के लिए ही वर्कशीट तैयार ना करवाई जावे वे विषय की आवश्यकता के अनुसार ही तैयार की जावे।

प्रश्न – 3. क्या पोर्ट फोलियों में लगाई गई वर्कशीट पर अध्यापक टिप्पणी आवश्यक है?

उत्तर – जी हाँ प्रत्येक वर्कशीट जो पोर्ट फोलियों में लगाई जावे उस पर अध्यापक छात्र के सम्बन्ध में सकारात्मक टिप्पणी अवश्यक लिखे ताकि जो भी उस पोर्ट फोलियों को देखे उसे छात्र की प्रगति के संबंध में सही जानकारी प्राप्तहो सके। तथा बालक स्वंय भी उससे स्बम्बलन प्राप्त करे व स्वआकलन कर सके।

प्रश्न – 4. यदि एक अध्यापक वर्ष के मध्य में विद्यालय से चला जाता है या लम्बे समय तक अवकाश पर रहता है तो क्या दूसरा अध्यापक उसकी योजना डायरी का प्रयोग कर सकता है?

उत्तर – बिल्कुल कर सकता है एक विषय की एक वर्ष के लिए एक ही योजना डायरी प्रत्येक कक्षा के लिए संधारित की जावेगी । यदि अध्यापक स्थान्तरित हो जाता है या अन्य किसी कारण से अनुपस्थित है तो दूसरा अध्यापक उस पर कार्य करेगा।दूसरी योजना डायरी नहीं बनाई जावेगी।

प्रश्न – 5. सी सी ई में आधार रेखा मूल्यांकन से क्या अभिप्राय है ?

उत्तर – आधार रेखा मूल्यांकन से अभिप्राय है कि जब कोई बालक सी सी ई शिक्षा प्रणाली से प्रथम बार जुडता है तो अध्यापक उसके साथ कुछ दिन (लगभग 5 से 7 दिन)कार्य करे व उसके आधार पर उसका परीक्षण करे कि वह बालक कक्षा शिक्षण में किस स्तर पर कार्य करवाये जाने के योग्य है। अथार्त हम इसे बालक का स्तर निर्धारण की प्रक्रिया के रूप में समझ सकते हैं।

प्रश्न – 6. आधार रेखा मूल्यांकन किन-किन विषयों में किया जाना चाहिए ?

उत्तर – प्राथमिक स्तर पर आधार रेखा मूल्यांकन मुख्यतः बुनियादी दक्षता वाले विषयों में अर्थात गणित, हिन्दी व अंग्रेजी में किया जाना चाहिए। पर्यावरण अध्ययन में वैसे तो आधार रेखा मूल्यांकन किए जाने की अलग से आवश्यकता नहीं है। लेकिन कक्षा-कक्ष प्रक्रिया में बालक की सक्रिय भागीदारी के लिए यह आवश्यक है कि अध्यापक उसकी पढने-लिखने की दक्षता की जाँच कर ले। ताकि उसे उसी के अनुरूप जाँच पत्रक प्रदान किए जा सके।

प्रश्न – 7. क्या प्रतिवर्ष बालक का आधार रेखा मूल्यांकन किया जाना चाहिए?

उत्तर – नहीं प्रतिवर्ष बालक का आधार रेखा मूल्यांकन किए जाने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब बालक एक कक्षा से दूसरी में जाता है। तो लगभग 45 दिन के ग्रीष्म अवकाश के बाद वह विद्यालय में प्रवेश करता है। इस परिस्थिति में यह आवश्यक हो जाता है कि अध्यापक यह जाँच कर ले कि गत कक्षा में सीखे गये स्तर पर बालक की अब क्या स्थिति है। इसे हम पदस्थापन मूल्यांकन के रूप में जानते हैं। जो कि आधार रेखा मूल्यांकन से पूर्णतः भिन्न है।


चेक लिस्ट कैसे भरें ?

चेक लिस्ट याने सतत रचनात्मक आकलन की मासिक स्थिति के बारे में सुझाव। CCE संचालित विद्यालयो में प्रति माह के अंत में बच्चों के आकलन को एक चेक लिस्ट में दर्ज किया जाना हैं जिसे सतत रचनात्मक आकलन की मासिक स्थिति का प्रपत्र कहते हैं इसके बाद एक और प्रपत्र लगा हुआ हैं जो लेखन पठन की बुनियादी क्षमताओ से सम्बंधित सतत रचनात्मक आकलन की मासिक स्थिति के नाम से हैं।

इसमे आपको कक्षा स्तर से नीचे के बच्चों का आकलन दर्ज किया जाना हैं। यह प्रपत्र कक्षा के हिसाब से बना हुआ हैं आप का बालक जिस कक्षा स्तर का हैं आप उस कक्षा में उसका मासिक आकलन कीजिए। सतत रचनात्मक आकलन की मासिक स्थिति में प्रविष्ठियां दर्ज करते समय यह महत्वपूर्ण बात ध्यान रखना हैं की इसमे सभी बच्चो की प्रविष्टि दर्ज की जानी हैं। जो बच्चे कक्षा स्तर से नीचे के हैं उनकी बुनियादी दक्षताओं को छोड़ कर शेष दक्षताओं को ही इसमे दर्ज किया जाना हैं। कक्षा स्तर के बच्चों के लिए पूरा प्रपत्र भरना हैं।

कक्षा स्तर के नीचे के बच्चों के लिए दूसरे प्रपत्र जिसका नाम लेखन पठन की बुनियादी क्षमताओ से सम्बंधित सतत रचनात्मक आकलन की मासिक स्थिति हैं उसमे कक्षा स्तर की कक्षा में जाकर प्रविष्टि दर्ज करनी हैं। कक्षा स्तर बढ़ने पर अगली कक्षा में प्रविष्टि करना हैं। कक्षा स्तर के बराबर आ जाने पर आप उसका नाम यहाँ से हटाकर पहले वाले प्रपत्र में दर्ज करे जहां पहले से कक्षा स्तर के बच्चे हैं।

बुनियादी दक्षता क्या हैं

अंग्रेजी में बुनियादी दक्षता हैं reading व writing और vocabulary
गणित में बुनियादी दक्षता हैं संख्या ज्ञान एवम् संक्रियाओं के सूचक। संक्रिया में आता हैं जोड़ घटाव गुणा भाग ।

आप को पहले प्रपत्र में सतत रचनात्मक आकलन की मासिक स्थिति वाले में कक्षा स्तर से नीचे वालो के बुनियादी दक्षता के कालम को छोड़ देना हैं । क्योकि उनकी बुनियादी क्षमता में कमी हैं जिसे दूसरे कक्षा स्तर से नीचे वाले प्रपत्र में दर्ज करेंगे।