दसवीं में थे 84 फीसदी अंक, 11वीं में ट्यूशन नहीं भेजा तो कर द‍िया फेल

मेधावी छात्रा डिप्रेशन का शिकार

भीलवाड़ा। केन्द्रीय विद्यालय की एक छात्रा को घर पर ट्यूशन नहीं भेजने पर दो शिक्षकों ने कम नम्बर देकर फेल कर दिया। छात्रा के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार करके जातिगत अपमानित भी किया। विद्यालय प्रिंसिपल व दो प्रध्यापकों के खिलाफ सुभाषनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार पुलिस लाइन निवासी ललिता मीणा ने मामला दर्ज कराया कि उसकी बेटी कोटा रोड स्थित केन्द्रीय विद्यालय में ११ वीं में पढ़़ती है। विद्यालय के भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक बृजेश बगरेवाल और रसायन शास्त्र की प्रध्यापक पूजा यादव नियम विरुद्ध बच्चों को घर पर ट्यूशन पढ़ाते थे। दोनों ने छात्रा को घर पर ट्यूशन आने का दबाव बनाया। छात्रा ट्यूशन नहीं गई। इस पर प्रथम टेस्ट में छात्रा व कई अन्य को फेल कर दिया गया। अद्र्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा में भी फेल कर दिया। हालांकि यह छात्रा दसवीं सीबीएसी बोर्ड परीक्षा में (dasave me) 84 प्रतिशत अंक से पास हुई थी। कक्षा 7, 8 व 9 में भी ए ग्रेड लाई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि प्रध्यापकों और प्रिंसिपल आरएस ढाकरिया ने स्कूल का शैक्षणिक वातावरण गंदा कर रखा है। पक्षपात पूर्ण तरीके से छात्र-छात्राओं से व्यवहार किया जाता है। परिवादी की पुत्री के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार कर जातिगत अपमानित किया।

इनका कहना है

आरोप निराधार है। सालभर पढ़ाई के बाद ही रिपोर्ट तैयार होती है। अभिभावक बच्ची के फेल होने पर आरोप लगा रहे हैं। अगर प्रध्यापकों ने ट्यूशन के लिए जोर दिया तो अभिभावकों को मुझसे शिकायत करनी चाहिए थी। उनकी कोई शिकायत नहीं मिली। छात्रा से भेदभाव पूर्ण व्यवहार नहीं किया गया है।

– आरएस ढाकरिया, प्रिंसिपल, केन्द्रीय विद्यालय, भीलवाड़ा

आधार कार्ड के बिना RAS भर्ती आवेदन की अनुमति, सरकार आैर RPSC से जवाब तलब

जयपुर। हाईकोर्ट ने आरएएस भर्ती के आवेदन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता करने पर राज्य सरकार व आरपीएससी से जवाब तलब किया है। साथ ही अन्य पहचान पत्र पेश करने की शर्त पर याचिकाकर्ता को आधार कार्ड पेश करने की अनिवार्यता से राहत दी है। न्यायाधीश वीएस सिराधना ने नरसिंहराम व मांगीराम की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया है। प्रार्थीपक्ष के अधिवक्ता एसएल सोनगरा ने कोर्ट को बताया कि एक याचिकाकर्ता ने आरएएस भर्ती के लिए आवेदन जमा कराया लेकिन उसे ओटीपी नहीं मिला। एक अन्य याचिकाकर्ता आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण आवेदन जमा नहीं करा पा रहा है। आधार की अनिवार्यता का मामला सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है, एेसे में आवेदन के लिए किसी को आधार कार्ड पेश करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने बिना आधार कार्ड वाले याचिकाकर्ता का आवेदन जमा करने के निर्देश देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को पहचान का अन्य प्रमाण पेश करने पर आवेदन करने की अनुमति दी जाए।