दिल्ली से मिली राजस्थान को बड़ी खुशखबरी

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जयपुर। आखिर लंबे इंतजार के बाद मेडिकल कौंसिल आॅफ इंडिया ने अगले सत्र में प्रदेश में भीलवाडा, भरतपुर, चूरू, डूंगरपुर और पाली में अगले सत्र से नए मेडिकल कॉलेलों को खोलने की अनुमति दे दी है। मेडिकल कौंसिल ने कॉलेज खोलने की अनुमति के साथ ही शैक्षणिक सत्र 2018—19 के लिए प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के लिए एमबीबीएस की 100—100 सीटों की अनुमति भी दे दी है। पांच नए मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद अब प्रदेश में 13 सरकारी मेडिकल कॉलेज हो गए है। पांच साल बाद प्रदेश में 500 अतिरिक्त एमबीबीएस चिकित्सक प्रदेश केा मिलेंगे जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। वहीं बाडमेर और अलवर में 2019 तक मेडिकल कॉलेज शुरू कर दिए जाएंगे।

वहीं प्रदेश में एमबीबीएस की 500 सीटें बढने के बाद नीट परीक्षा देने वाले 500 छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा। क्योंकि सीटें बढने के बाद प्राप्तांकों के प्रतिशत में कमी आएगी और छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश में आसानी होगी। अभी प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 800 सीटे हैं और 1300 सीटें हो जाएंगी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वर्ष 2015 में प्रदेश में सात नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। लेकिन चिकित्सक शिक्षक नहीं मिलने और अन्य संसाधन उपलब्ध नहीं होने पर मेडिकल कौंसिल आॅफ इंडिया ने अपने निरीक्षण के बाद पूरे संसाधन नहीं जुटा पाने के पांच मेडिकल कॉलेजों को आगामी सत्र से शुरू करने की अनुमति नहीं दी। जिससे सरकार में खलबली मच गई और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आनन फानन में पांच नए मेडिकल कॉलेजों के लिए संसाधन जुटाए। अब पांच नए मेडिकल कॉलेजों को अगले सत्र से शुरू करने और एमबीबीएस की 500 सीटों की अनुमति देने के बाद अब पांच साल बाद प्रदेश को हर साल 500 एमबीबीएस चिकित्सक मिलेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों की चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी। दूसरी ओर चिकितसा शिक्षा विभाग ने इन कॉलेजों को विधिवत रूप से शुरू करने की तैयारियां शुरू कर दी है।