जोधपुर में बना राज्य का पहला अनोखा सरकारी स्कूल, तैयार होंगे नन्हें सैनिक

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मंडोर पंचायत समिति के गांव लोरड़ी पंडितजी स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में इसका निर्माण करवाया है।

जोधपुर। शहर के निकटवर्ती एक गांव के सरकारी स्कूल में अब नन्हे सैनिक तैयार होंगे। यहां शिक्षा ग्रहण कर मानसिक के साथ ही उनको शारीरिक रूप से फिट रहने का मूलमंत्र भी दिया जाएगा। इसके लिए स्कूल के मैदान में तैयार किया गया है ऑब्स्टेकल कोर्स।

जोधपुर जिला कलक्टर रविकुमार सुरपुर ने एक सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए शिक्षा के साथ सेना में जाने की तैयारी के लिए आब्स्टेकल कोर्स निर्माण की पहल की है। मंडोर पंचायत समिति के गांव लोरड़ी पंडितजी स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में इसका निर्माण करवाया है।

यहां बच्चे पढ़ाई के साथ सैन्य बलों में होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा की पास बाधाओं को पार करना सीखेंगे। इस तरह के कोर्स सेना व सुरक्षा संस्थाओं में ही होते हैं।

इस तरह करवाया तैयारयह प्रदेश का पहला सरकारी स्कूल होगा, जहां इस तरह के कोर्स का निर्माण शुरू किया गया है। इसका निर्माण डॉ. सुरपुर स्व:विवेक कोष व कुछ भामाशाहों की मदद से करवाया है। सुरपुर ने बताया कि इसके निर्माण का आइडिया उन्हें एक यात्रा के दौरान आया।

उन्होंने सोचा कि स्कूल के बच्चों के लिए कुछ एेसा किया जाए, जिससे वह सेना और पुलिस में जाने के लिए बचपन से ही शारीरिक व मानसिक रूप से फिट हो सके। बकोल सुरपुर, पहले के समय में ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे स्कूल आते-जाते समय रास्ते में जंगल में पेड़ों पर चढऩे, उछलने-कूदने जैसी गतिविधियां करते थे। वर्तमान में इस तरह के अवसर नहीं हैं।

आरपीटीसी मैदान की तर्ज पर किया तैयार

राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र की तर्ज पर स्टैंडर्ड पैरामीटर के आधार पर साढ़े ६ लाख रुपए की लागत से बने इस कोर्स में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 12 गतिविधियों को शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट का उद्घाटन 29 जनवरी को जोधपुर पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने किया। निर्माण में सरपंच भगवती चोयल व भामाशाह भंवरलाल पटेल ने सहयोग किया। प्रोजेक्ट को पूरा करने में जिला परिषद सीईओ प्रदीप गवांडे, मंडोर पंचायत समिति के विकास अधिकारी कंवरलाल सोनी व तकनीकी अधिकारी ओमप्रकाश परिहार ने विशेष भूमिका निभाई।