पीजी पढ़ाने के लिए व्याख्याताओं के चार पद सृजित

Education Shiksha Vibhag

राजकीय कन्या महाविद्यालय को स्नातक से स्नातकोत्तर स्तर पर क्रमोन्नत किए जाने के बाद नवीन पदों के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी

चित्तौडग़ढ़। शहर के राजकीय कन्या महाविद्यालय को स्नातक से स्नातकोत्तर स्तर पर क्रमोन्नत किए जाने के बाद शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक नवीन पदों के सृजन एवं क्रमोन्नति के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इससे शैक्षिक सत्र २०१८-१९ से ही कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू होने की राह प्रशस्त हो गई है। कॉलेज में इस सत्र से इतिहास एवं हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू की जाएगी। सरकार ने कॉलेज में व्याख्याताओं के चार नए पद भी सृजित किए है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष बजट में चित्तौड़ गल्र्स कॉलेज को पीजी स्तर पर क्रमोन्नत करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने चित्तौड़ गल्र्स कॉलेज के साथ चुरू जिले के रतनगढ़, सिरोही के शिवगंज, जोधपुर के ओसियां एवं झुंझुंनूं जिले के गुढ़ा गौडज़ी के राजकीय महाविद्यालय को भी पीजी में क्रमोन्नत करने की घोषणा की थी।

प्राचार्य एवं पीटीआई पद होगा प्रमोट

राज्य सरकार ने राजकीय कन्या महाविद्यालय में प्राचार्य का पद भी पीजी स्तर पर क्रमोन्नत कर दिया है। कॉलेज के पुस्तकालय अध्यक्ष एवं शारीरिक शिक्षक का पद भी क्रमोन्नत कर दिया गया है। ऐसे में इन पदों पर अब वर्तमान पदस्थापित का स्थानान्तरण होकर नई नियुक्तियों की संभावना जताई जा रही है।

अभी कई विषयों की रहेगी कमी

शहर में लंबे समय से कन्या महाविद्यालय में पीजी कक्षाएं शुरू करने की मांग की जा रही थी। इतिहास एवं हिंदी साहित्य शुरू करने के बाद भी कॉलेज में राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, अंग्रेजी साहित्य जैसे विषयों में पीजी शुरू करने की मांग है। कई छात्राएं इन विषयों में नियमित पीजी के लिए अब भी कॉलेज छोड़ अन्यत्र जाने को मजबूर रहेगी। वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय में पीजी शुरू करने की मांग भी हो रही है। वर्तमान में कई छात्राएं स्नातक के बाद उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए उदयपुर , जयपुर जैसे शहरों में जा रही है तो कई स्वयंपाठी के रूप में पीजी कक्षाओं की परीक्षाएं दे रही है।