सरकारी छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में अब थम्ब इम्प्रेशन से हाजिरी

जयपुर। अब सरकारी छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में अंगूठे के निशान से हाजिरी लगेगी। राज्य के सभी 850 छात्रावासों और 22 आवासीय स्कूलों में बायोमैट्रिक सिस्टम लागू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि छात्रावासों में उपस्थिति को लेकर पारदर्शिता आए, इसके मद्देनजर यह सिस्टम लागू किया गया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग में बायोमैट्रिक सिस्टम लागू करने की कवायद काफी समय से चल रही थी। यह सिस्टम सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सभी दफ्तरों में लागू भी कर दिया गया था, लेकिन सरकारी छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में अभी तक यह शुरू नहीं किया गया था, काफी विचार – विमर्श के बाद यह सिस्टम इन छात्रावासों और स्कूलों में शुरू किया गया है। दरअसल, विभाग सभी दफ्तरों में यह सिस्टम लागू करने के बाद और उसका विश्लेषण करने के बाद इसे छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में लागू किया गया है। गुरूवार को विभाग के निदेशक डॉ. समित शर्मा ने अम्बेडकर भवन के सभागार में आधार बेस बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली का शुभारम्भ किया। प्रथम चरण में छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। दूसरे चरण में विभाग के सभी जिला कार्यालयों, वृद्धाश्रमों, नारी निकेतन, सम्प्रेक्षण गृह आदि मे कार्यरत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी। बायोमैट्रिक सिस्टम से हाजिरी होने पर छात्रावासों में रोजाना उपस्थिति से जितने छात्र रहते हैं उनके लिए औसत आधार पर प्रतिमाह राशि स्वीकृत की जाएगी। सभी तरह की पारदर्शिता के साथ सरकारी राशि के दुरूपयोग की रोकथाम के साथ ही गुणवत्ता में सुधार होगा। बताया जा रहा है कि इसे आधार से जोड़ा गया है तथा संस्थान के दस मीटर की परिधि में ही उपस्थिति दर्ज हो सकेगी। इस सिस्टम से छात्रावासों में स्टूडेंट्स के उपस्थिति की जानकारी मिल सकेगी कि वास्तव में वह छात्र या छात्रा मौजूद है भी या नही। क्योकि कई बार ऐसा होता था कि स्टूडेंट छात्रावास से गायब रहते है,जिस कारण व्यवस्थाएं सुचारू रूप से नहीं चल पाती। बॉयोमैट्रिक सिस्टम में स्टूडेंट्स के आने जाने का वक्त भी मशीन में रिकार्ड होगा। बॉयोमैट्रिक सिस्टम के लिए अकाउंटेब्लिटी बनाया गया है, लेकिन 100 छात्रावासों में खराब नेटवर्क के चलते ये सिस्टम काम नहीं कर सकेगा।