मानव संसाधन विकास मंत्री ने छात्रों से ‘स्वच्छ भारत ग्रीष्म प्रशिक्षण-स्वच्छता के 100 घंटे’ कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया

prakash javadekar

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने छात्रों से आगे आकर पूरे देश में चलने वाले कार्यक्रम ‘स्वच्छ भारत ग्रीष्म प्रशिक्षण-स्वच्छता के 100 घंटे’ में भाग लेने का आग्रह किया। पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय के सहयोग से मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ‘स्वच्छ भारत ग्रीष्म प्रशिक्षण-स्वच्छता के 100 घंटे’ अभियान का शुभांरभ किया है, ताकि स्वच्छता संबंधी कार्य तथा गांव के विकास के लिए युवाओं को जोड़ा जा सके। 1 मई से 31 मई 2018 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता संबंधी कार्यों के लिए युवाओं के कौशल तथा भावना को विकसित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक कार्यों के लिए उन्हें जोड़ना है। इस कार्यक्रम को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
प्रकाश जावडेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लांच किया गया स्वच्छ भारत कार्यक्रम, देश में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। एक ट्वीट/विडियो संदेश में श्री जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत 3 साल पहले की थी और अब बड़ी संख्या में लोग इस अभियान में हिस्सा ले रहे हैं। मत्री महोदय ने कह कि अब युवाओं की बारी है कि वे ग्रीष्म अवकाश में 10 से 15 दिनों के लिए गांवों का भ्रमण करें और स्वच्छ भारत ग्रीष्म प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें तथा अपने आस-पास के वातावतरण को स्वच्छ तथा गंदगी मुक्त बनायें। उन्होंने कहा कि यह स्वशिक्षा तथा लोगों को शिक्षित करने की प्रक्रिया है, ताकि बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। कॉलजों और विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे छात्र, स्वच्छ भारत ग्रीष्म प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार व्यक्तिगत रूप से या टीम के रूम में भाग ले सकते हैं। नोडल अधिकारियों के परामर्श से स्थान और टीम का आकार तय किया जा सकता है। वेबसाइट के माध्यम से नामांकन के पश्चात नोडल अधिकारी की मंजूरी के बाद उम्मीदवार को स्वीकार किया जाएगा। उम्मीदवारों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधित गतिविधियों में कम से कम 100 घंटे देने होंगे। नामांकन की अंतिम तिथि 15 मई 2018 है।
कार्य समाप्त होने के 15 दिनों के अंदर उम्मीदवार को पोर्टल में प्रशिक्षण रिपोर्ट देना होगी। इसके लिए पोर्टल में प्रारूप दिया गया है। उम्मीदवार के द्वारा दिये गये प्रशिक्षण रिर्पोट की समीक्षा व मंजूरी नोडल अधिकारी के द्वारा की जाएगी। इसका उद्देश्य पुरस्कार व प्रमाण पत्र निश्चित करना है। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद सभी उम्मीदवारों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया जाएगा। उम्मीदवारों को अपने पाठ्यक्रम के लिए भी 2 क्रेडिट पाइंट दिये जाएंगे। सबसे अच्छे तीन उम्मीदवारों/टीमों को कॉलेज, विश्वविद्यालय, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत किया जाएगा।
कॉलेज स्तर पर विजेताओं को शील्ड/कप तथा विशेष प्रमाण पत्र दिये जाएंगे।
प्रमाणपत्रों के अतिरिक्त नगद पुरस्कार निम्न अनुसार प्रदान किये जाएंगे।
विश्वविद्यालय स्तर पर-उपयुक्त प्रमाण-पत्रों के साथ 30 हजार रुपये, 20 हजार रुपये तथा 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार।
राज्य स्तर पर-उपयुक्त प्रमाण-पत्रों के साथ 50 हजार रुपये, 30 हजार रुपये तथा 20 हजार रुपये का नगद पुरस्कार।
राष्ट्रीय स्तर पर – उपयुक्त प्रमाण-पत्रों के साथ 2 लाख रुपये, 1 लाख रुपये तथा 50 हजार रुपये का नगद पुरस्कार।