Mid Day Meal : नामांकन 83 का और भोजन के समय 125 से ज्यादा

Mid Day Meal : नामांकन 83 का और भोजन के समय 125 से ज्यादा

पंचायत समिति राजाखेड़ा क्षेत्र में एक ऐसा गांव हैं जहां मां-बाप अपने बच्चों को पढ़ाने के बजाय सिर्फ खाना खाने (Mid Day Meal) के लिए ही स्कूल भेजते हैं और फिर वापस घर चले जाते हैं। यहां के लोग शिक्षा से अधिक पेट भरने काे महत्व देते हैं।

मामला राजाखेड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत ढ़ाेढ़े का पुरा के गांव नाथों का पुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का है। यहां सभी लोग नाथ जाति के हैं और भीख मांगकर परिवार का पेट भरते हैं तथा ये लोग शिक्षा प्राप्त करने से अधिक पेट भरने को महत्व देते हैं। भास्कर ने इसकी जानकारी मिलने के बाद गांव स्कूल में पहुंचकर पड़ताल की तो मामला सही पाया गया।

यहां के प्रधानाध्यापक बनवारीलाल
वार्डपंच प्रेमसिंह ने भी मामले की पुष्टि की

पड़ताल के दौरान स्कूल में सिर्फ 5 बच्चे मौजूद मिले। जबकि नामांकन 83 का है। वहीं खाने के समय करीब साढ़े 11 बजे स्कूल में सवा सौ से अधिक बच्चे हो गए। जो कि खाना खाने के बाद वापस घर चले गए। इससे स्कूल में पढ़ाई का माहौल भी नजर नहीं आया। प्रधानाध्यापक बनवारीलाल वार्डपंच प्रेमसिंह ने बताया कि बच्चों को पढ़ने स्कूल भेजने को लेकर कई बार ग्रामीणों की समझाइस की है।

गांव के नाथ जाति के लोग बच्‍चों की शिक्षा को लेकर कितने लापरवाह हैं इसकी बानगी देखिए कि वे बच्चों को कॉपी,पैन सहित पढ़ने के लिए अन्य जरूरी चीजें तक उपलब्ध नहीं कराते। हालांकि किताबें तो स्कूल से निशुल्क दी जाती हैं।

कई बार मना करने पर भी नहीं मान रहे हैं बच्चे

प्रधानाचार्यने बताया कि स्कूल में 83 बच्चों का नामांकन है। लेकिन खाने के समय गांव के सभी बच्चे खाना खाने जाते हैं। इससे इस समय इनकी संख्या सवा सौ के करीब हो जाती है। इसलिए खाना भी अधिक बनवाना पड़ता है।