चुनाव नजदीक, सरकार मान रही है कर्मचारियों की मांगें…

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जयपुर। राज्य सरकार की मंत्री मण्डलीय उप समिति की गुरुवार को भी कर्मचारियों के अलग-अलग गुटों से वार्ता हुई। सरकार कर्मचारियों की मांगें मानकर आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हे मनाने में लग गई है। वार्ता में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा सरकार की ओर से मंत्रिमंडलीय उप समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ , पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान, सहकारिता मंत्री अजय किलक सहित वित्त विभाग व कार्मिक विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। वार्ता करीब दो घंटे चली अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक आयुदान सिंह कविया एवं सह संयोजक गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि सातवें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान केंद्र के अनुरूप 1 जनवरी 2016 से देने के मुद्दे पर वित्त विभाग को संभावित खर्चे का एस्टीमेट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, इसके अलावा बोर्ड एवं निगमों को सातवां वेतन आयोग देने के संबंध में भी वित्त विभाग को विचार करने को कहा गया है। अनुसूची 5 में की गई कटौती पर पुनर्विचार करने के लिए भी वित्त विभाग को निर्देशित किया गया है। सातवें वेतन आयोग में पे मैट्रिक्स केंद्र के समान करने की मांग पर मंत्रिमंडलीय समिति ने कहा कि इस मांग पर वित्त विभाग पुन: परीक्षण किया जाएगा। महासंघ के कुलदीप यादव ने बताया कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने के मुद्दे पर मंत्रिमंडल समिति ने सैद्धांतिक रूप से सहमति प्रदान कर दी है। विभागों को पीपीपी मोड पर देने के संबंध में मंत्रिमंडलीय समिति ने आश्वस्त किया है स्वास्थ्य शिक्षा एवं बिजली आदि विभागों को अब पीपीपी मोड पर नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा न्यायालय द्वारा कर्मचारियों के हित में दिए निर्णयों की पालना भी सुनिश्चित करने के लिए विभागों को निर्देश दिए।

कटौती वापसी का आश्वासन

इसी प्रकार कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह चौधरी व अखिल राजस्थान लेबोरेट्री टेक्निशियन कर्मचारी संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों से मंत्रिमंडल समिति से वार्ता हुई, जिसमें एक जनवरी 2016 से नकद वेतनमान देने, पांचवी अनुसूची में किए गए बदलाव वापस लेने और केंद्र के समान हूबहू पे मैट्रिक्स लागू करने नवीन पेंशन योजना बहाल करने तथा अस्थाई कर्मचारियों को समान कार्य पर समान वेतन बढ़ाने, बोर्ड निगम कर्मचारियों को सातवां वेतन लागू करने, सातवें वेतनमान में ऑप्शन भरने की दिनांक एक अक्टूबर से आगे बढ़ाने, 3 बच्चों पर दंडित करने के आदेश को वापस लेने, संघर्ष समिति से जुड़े संगठनों से 25 अप्रेल तक मंत्रिमंडल के स्तर पर वार्ता कर मांगों का हल करने के मुद्दों को लेकर वार्ता हुई। तीन मई को दोबारा मंत्रीमंडलीय उप समिति से वार्ता होगी।