अब एक करोड़ से अधिक दान पर ‘शिक्षा विभूषण’ उपाधि

भामाशाहों का होगा नामकरण, सम्मान

मुख्यमंत्री विद्यादान कोष में आर्थिक सहयोग देने वाले भामाशाहों का सरकार ने नामकरण किया है

उदयपुर। सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री विद्यादान कोष में आर्थिक सहयोग देने वाले भामाशाहों का सरकार ने नामकरण किया है। इन्हें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा। एक करोड़ या इससे अधिक राशि देने वाले भामाशाह को ‘शिक्षा विभूषण’ की उपाधि से अलंकृत किया जाएगा। साथ ही ज्ञान संकल्प पोर्टल के फेसबुक पेज पर दानदाता की कवर स्टोरी का प्रकाशन किया जाएगा। इसी प्रकार 15 लाख से 1 करोड़ तक दान देने वाले दानदाता को ‘शिक्षा भूषण’ की उपाधि से नवाजा जाएगा। ज्ञान संकल्प पोर्टल के हॉल ऑफ फेम पर दानदाता या औद्योगिक संस्थान का नाम प्रदर्शित किया जाएगा। सीएसआर, दानदाताओं और अन्य माध्यमों से प्राप्त वित्तीय संस्थानों का बेहतर उपयोग करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 11 जुलाई को ऑनलाइन पोर्टल ज्ञान संकल्प पोर्टल व मुख्यमंत्री विद्यादान कोष की स्थापना की।

ये कहलाएंगे शिक्षा श्री और शिक्षा साथी

एक से 15 लाख रुपए के पुरस्कार पर शिक्षा श्री की उपाधि दी जाएगी। शिक्षा विभाग के शिविरा के वार्षिकांक में प्रकाशित किया जाएगा। राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान से भी सम्मानित किया जाएगा। 25 हजार से लेकर एक लाख रुपए देने वाले दानदाता को शिक्षा साथी कहा जाएगा। यदि उनकी दी हुई राशि से कोई निर्माण होता है, तो उस पर उनका नाम अंकित किया जाएगा। 5 से 25 हजार तक की राशि दान देने वाले को शिक्षा मित्र का नाम दिया जाएगा। स्कूल की दानदाता सूची में इनका नाम दिया जाएगा।

…तो दानदाता के नाम पर स्कूल का नाम

प्राथमिक विद्यालय के लिए 30 लाख रुपए
उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए- 60 लाख रुपए
माध्यमिक विद्यालय 1 करोड़ 50 लाख रुपए
उच्च माध्यमिक विद्यालय दो करोड़ रुपए

कोई भी व्यक्ति आसानी से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर मुख्यमंत्री विद्यादान कोष में अपना नाम दर्ज करवा सकता है। वह किसी भी स्कूल को सहयोग कर सकता है।

-नरेश डांगी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम

विद्यार्थी मित्रों को पंचायत सहायक पद पर नियुक्ति के साथ पद बढ़ाने की मांग

लावासरदारगढ़। राजस्थान विद्यार्थी मित्र शिक्षक संघ आमेट शाखा और पंचायत सहायकों की बैठक शुक्रवार को कस्बे के मंडपरी महादेव मंदिर परिसर में ब्लाक अध्यक्ष गोपाल कीर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में गोपाल कीर ने राज्य सरकार से वंचित विद्यार्थी मित्रों को पंचायत सहायक पद पर नियुक्ति के साथ पद बढ़ाने की मांग की है। बैठक में दिनेश पारीक, लक्ष्मण बेैरवा, राजकुमार आमेटा, करणसिंह, परेश पारीक, वसीम अकरम, लता शर्मा, सीमा जाट, प्रतापसिंह, रमेश वर्मा मौजूद थे।

छात्राओं से बोले डीईओ- लक्ष्य तय कर पढ़ाई करें, सफलता मिलेगी

सीमलवाड़ा। पीठ मां शारदे बालिका छात्रावास का जिला शिक्षा अधिकारी अनोपसिंह सिसोदिया ने निरीक्षण किया। छात्रावास की विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में वार्डन रीता चरपोटा और छात्राओं से जानकारी ली। उन्हें गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बेटियों को देवी का रूप मानकर अच्छे से देखभाल व पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रावास की बालिकाओं से कहा कि अपना एक लक्ष्य बनाकर चलने से सफलता जरूर मिलती है। राज्य सरकार की जो स्कूटी और लैपटॉप की योजना है, मैं चाहता हूं वह सभी कि सभी बालिकाओं को मिले। इसके लिए तैयारियां पूरी रखंे। नोडल प्रभारी अजीत जैन, पूर्व प्रधानाचार्य राजेंद्र शर्मा, सुखलाल पाटीदार, पीटीआई बलवीरसिंह, वर्षा बारिया, गोवर्धनलाल मोरी ने विचार रखे। ज्योतिका, दीपिका, भावना, टीना, पुष्पा, अंजना, दीपिका ने व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी।