अब अध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर भी पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से होंगे

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उदयपुर। राज्य सरकार ने अब स्कूल शिक्षा विभाग में होने वाले सभी तरह के शिक्षक प्रशिक्षण शिविरों का नाम “पंडित दीनदयाल उपाध्याय अध्यापक प्रशिक्षण शिविर’ कर दिया है। राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद के आयुक्त डॉ. जोगराम ने इस संबंध में एसआईईआरटी उदयपुर को पत्र लिखकर कहा है कि (कक्षा 1 से 12) शिक्षकों व संस्था प्रधानों की क्षमता संवर्धन के लिए होने वाले प्रशिक्षण शिविरों के नाम से पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय लिखें। प्रशिक्षणों के अलावा इसकी पालना प्रशिक्षण मॉड्यूल और पठ्न सामग्री में भी की जाए। इससे पहले भी राज्य सरकार विज्ञान-गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी, जिला व राज्य स्तरीय विज्ञान मेला, विशेष योग्यजन शिविर और जनकल्याण शिविर के नाम से पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय लिखने की अनिवार्यता लागू कर चुकी है। गौरतलब है कि राज्य सरकार पिछले चार साल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय उनके नाम पर विभिन्न विभागों में 16 सरकारी योजनाएं शुरू कर चुकी है। जिसमें सभी लेटरहैड, पत्राचार-दस्तावेजों पर दीनदयाल लोगो, दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना, दीनदयाल उपाध्याय डिसएबल्ड रिहैबिलिटेशन स्कीम और सीकर यूनिवर्सिटी का नाम दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी किया जाना आदि शामिल हैं।

सुविवि में स्थापित होगी भगवान परशुराम प्राच्य शोध पीठ

जुलाई से शुरू होगी पढ़ाई, होगा प्राचीन ग्रंथों का भी अध्ययन-अध्यापन

इसमें अगले सत्र में जुलाई से ही भगवान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शोध शुरू हो जाएगी

उदयपुर। मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में भगवान परशुराम के जीवन से जुड़ी प्रसंगों के अध्ययन एवं शोध के लिए जल्द ही भगवान परशुराम प्राच्य शोध पीठ स्थापित होगी। इसमें अगले सत्र में जुलाई से ही भगवान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शोध शुरू हो जाएगी। शोधपीठ में भगवान परशुराम एवं उनके जीवन प्रसंगों का जिन-जिन ग्रंथों में उल्लेख हुआ है, उसकी भी पढ़ाई हो सकेगी।

तय होंगी सीट

इस शोधपीठ में विद्यार्थियों के लिए सीट तय की जाएगी। प्रवेश के बाद इस तरह की पढ़ाई का यह विशेष अनुभव विद्यार्थियों को मिलेगा। कमेटी के माध्यम से जल्द तय कर जुलाई से इस प्राच्य शोध पीठ को शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भी इसे बेहतर बताया है।

-प्रो. जेपी शर्मा, कुलपति, एमएलएसयू उदयपुर