ऑनलाइन books reading के शौकीन, उनके लिए खास है यह खबर

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की तरह ही कम्प्यूटर पर ऑनलाइन पढ़ाई करते नजर आएंगे

ब्यावर। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की तरह ही कम्प्यूटर पर ऑनलाइन पढ़ाई करते नजर आएंगे। सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में ऑनलाइन किताब पढऩे के लिए कम्प्यूटर लगाए जाएंगे। हालांकि अभी एक कम्प्यूटर स्कूलों की लाइब्रेरी में लगा हुआ है। जिसमें वहां रखी पुस्तकों की फिडिंग हो रही है। सरकारी स्कूलों में लगने वाले यह कम्प्यूटर भामाशाहों के सहयोग से लगवाए जाएंगे। इन कम्प्यूटर पर विद्यार्थी अपने कोर्स से संबंधित पुस्तकें पढऩे के साथ डाउनलोड भी कर सकेंगे।

कई पुस्तकें मुहैया नहीं होती

सरकारी स्कूलों में कई पुस्तकें मुहैया नहीं होती हैं। विद्यार्थियों को बाजार से भी यह किताबें नहीं मिलती। इनमें से कई तो प्रायोगिकी विषय की होती हैं। कम्प्यूटर पर पढ़ाई शुरू हो जाने के बाद विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

बोर्ड विद्यार्थियों को मिलेगी राहत

स्कूलों की लाइब्रेरी में कम्प्यूटर लगने के बाद विद्यार्थी देश विदेश से भी जुड़ सकेंगे। इतना ही नहीं बोर्ड के विद्यार्थियों को अध्ययन या प्रायोगिक विषय संबंधित कोई परेशानी होगी तो वह कम्प्यूटर व गूगल से तलाश सकेंगे।

व्यावसायिक शिक्षा में सिखाएंगे आईटी कोर्स

नए शैक्षणिक सत्र से कई स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का कोर्स शुरू किया जा रहा है। इसमें सूचना एवं प्रौद्योगिकी का कोर्स भी सिखाया जाएगा। इसके लिए आ रहे कम्प्यूटर भी काफी राहत देंगे। पटेल स्कूल में इस पर कवायद भी शुरू हो गई है। राजकीय जैन गुरुकुल स्कूल में चल रहे व्यावसायिक शिक्षा में विद्यार्थियों को कम्प्यूटर की जानकारी दी जा रही है।

पटेल स्कूल को मिले भामाशाह

ब्यावर की नोडल एजेंसी राजकीय पटेल सीनियर हायर सैकण्डरी स्कूल के संस्था प्रधान व शिक्षकों ने लाइब्रेरी में कम्प्यूटर व विद्यार्थियों को आईटी विभाग से जोडऩे के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। भामाशाहों ने स्कूल को दो कम्प्यूटर, पिं्रटर सहित अन्य सुविधाएं भेंट की है।

स्कूल में विद्यार्थियों को कम्प्यूटर पर ऑनलाइन पढ़ाई करवाना शुरू कर दिया है। लाइब्रेरी में लगे कम्प्यूटर की मदद से विद्यार्थी अपने कोर्स संबंधी अध्ययन कर सकते हैं। भामाशाह भी आगे आए हैं। कई प्रश्नों के उत्तर अब आसानी से विद्यार्थियों को मिल जाएंगे।

-राजेश जिंदल, प्राचार्य, राजकीय पटेल सीनियर हायर सैकण्डरी स्कूल ब्यावर