Piracy in compitition books, police action – कंपीटीशन बुक्‍स में प्राइवेसी, बड़ी धरपकड़

Compitition Books

Piracy in compitition books, police action – कंपीटीशन बुक्‍स में प्राइवेसी, बड़ी धरपकड़

राजस्थान के बाज़ार में उतारी जा रहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की नकली किताबें, जयपुर में पकड़ी गई बड़ी खेप

प्रतियोगी परीक्षाओं की नकली किताबों (Books Piracy) को बाज़ार में चलाकर उनके मूल पब्लिशर्स को लाखों रूपए की चपत लगाने का मामला सामने आया है। इस सम्बन्ध में जयपुर पुलिस ने शहर में कई जगहों पर छापे मारते हुए भारी मात्रा में नकली किताबें जप्त की हैं।

इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात ये है कि कुछ पब्लिशर्स की ऐसी जाली किताबों के बाज़ार में चलाये जाने के सम्बन्ध में हुई शिकायत के बाद भी पुलिस फ़ौरन हरकत में नहीं आई। आखिर में जब पुलिस कमिश्नर से इस बारे में शिकायत की गई तो शहर के तीन थानों में इस बाबत एफआईआर दर्ज हुई। अब पुलिस इस मामले की तफ्तीश करते हुए आरोपितों तक पहुंचने की कोशिशों में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक़ प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के पब्लिशिंग हाउस मनु प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराते हुए बताया है कि शहर में कुछ बुक डिपो उनके पब्लिकेशन हाउस के ट्रेडमार्क ‘लक्ष्य’ के नाम से नकली किताबें बाज़ार में धड़ल्ले से चला रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘लक्ष्य’ टेर्डमार्क की किताबों को स्कैन कर हू-ब-हू किताबें छापकर बड़ी मात्रा में बाज़ार में सप्लाई की गई है।

यहां-यहां हुई एफआईआर

नकली प्रतियोगी किताबें छापने के सम्बन्ध में मनु प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक महावीर जैन ने शहर के बजाज नगर, गांधी नगर और कोतवाली थाने में अलग-अलग मामले दर्ज करवाये हैं। मामाला सामने आने पर पुलिस ने बताये गए बुक डिपो और उनके गोदामों में जाकर दबिश भी दी। जिसके बाद भारी मात्रा में नकली किताबें बरामद हुई हैं।

भारी मात्रा में नकली किताबें बरामद

जानकारी के मुताबिक़ अब तक पुलिस ने कोतवाली इलाके से 490, गांधी नगर इलाके से 100 और बजाज नगर इलाके से लगभग 30 नकली किताबें जप्त की हैं।

इनके खिलाफ नामजद मामला दर्ज

पीड़ित पब्लिशर ने पुलिस में नामजद मामला दर्ज करवाया है। इनमे टोंक फाटक स्थित पायल बुक हाउस के संचालक दामोदर श्रीमाल, मॉडर्न कमर्श्यल सेंटर के राजेश श्रीमाल, पायल बुक हाउस के संस्थापक सुभाष श्रीमाल और चौड़ा रास्ता स्थित मीणा बुक हाउस के संचालक ऋषिकेश मीणा शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ कॉपीराइट एंड ट्रेडमार्क एक्ट के उल्लंघन की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ये किताबे बनाई जा रहीं थी नकली

– लक्ष्य राजस्थान 2017
– लक्ष्य सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा, हल प्रश्न पत्र
– लक्ष्य सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा, सामान्य ज्ञान
– लक्ष्य ग्राम सेवक भर्ती परिक्षा भाग 1
– लक्ष्य ग्राम सेवक भर्ती परिक्षा भाग 2

चोरी ऐसे आई सामने

दरअसल, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें छापने वाले एक पब्लिशर को इस बारे में कुछ सूत्रों से पता चला। इसके बाद जब किताबें लेकर जांचीं गेन तो हकीकत सामने आई। पब्लिशर के मुताबिक़ नकली किताबें मूल किताबों के पन्नों को स्कैन कर छपी जा रहीं थी। इन नकली किताबों को बेहद बारीकी से देखने पर ही सही-गलत का पता चल सकता था। पब्लिशर के मुताबिक़ नकली किताबों में स्कैन किये जाने की वजह से अक्षर कटे-फाटे दिखाई देते हैं, साथ ही कवर पेज के डिज़ायन को देखकर भी नकली किताब का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।