Prashikshak : शिक्षकों के लिए शिक्षा पोर्टल ‘प्रशिक्षक’

Prashikshak online portal for teachers training
Prashikshak online portal for teachers training

Prashikshak : शिक्षकों के लिए शिक्षा पोर्टल ‘प्रशिक्षक’

नई दिल्ली :  जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों (डीआईईटी) के लिए शिक्षक शिक्षण पोर्टल ‘प्रशिक्षक’ की शुरूआत करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र चुनौतियों से भरा हुआ है जिसे कई लोग काफी उम्मीदों से देखते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा के लिए 1987 से ही केंद्रीय अनुदान मुहैया कराया जा रहा है लेकिन उनकी गुणवत्ता निर्धारित करने के लिए कोई राष्ट्रीय व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षण परिषद् (एनसीटीई) की रिपोर्ट में इस सिलसिले में व्यवस्था बनाने को कहा गया था और ‘प्रशिक्षक’ पोर्टल गुणवत्ता का पैमाना होगा।

एचआरडी मंत्री ने कहा, ‘गुणवत्ता (शिक्षकों की) पूरे देश में चिंता का विषय हो गई है। लेकिन वह गुणवत्ता क्या है जिसकी उम्मीद की जाती है? क्या इसे इस बात से परिभाषित किया जाएगा कि आपका पाठ्यक्रम कितने अच्छे तरीके से बना है? क्या इस बात से इसे परिभाषित किया जाएगा कि पिछली बार कब पाठ्यक्रम संशोधित किया गया था? वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए कब इसमें बदलाव लाया गया गया था? क्या गुणवत्ता इस बात से परिभाषित होगी कि कितने लोगों को नौकरी मिली? इस तरह की निगरानी व्यवस्था मौजूद नहीं थी जो अब ‘प्रशिक्षक’ के माध्यम से उपलब्ध होगी।’

राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों, एस.आई.ई.आर.टी., डाईट, आई.ई.ए.एस.ई. सीमेट के लिए पृथक कैडर बनाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए बताया कि राजस्थान में प्रत्येक डाईट संस्थान का पोर्टल बनाया गया है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए ’’प्रशिक्षण‘‘ पोर्टल से जोड़ा जाएगा। देवनानी ने ’’प्रशिक्षक‘‘ पोर्टल के लांचिंग समारोह में यह जानकारी दी। नए पोर्टल से देश भर के डाईट संस्थाओं की जानकारी मिल सकेगी और शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले नवाचारों को आदान-प्रदान किया जा सकेगा।

देवनानी ने बताया कि राजस्थान में तीन आॅन लाईन पोर्टल शाला दर्पण, शाला दर्शन और ई-ज्ञान बनाये गये हैं, जो कि काफी उपयोगी साबित हो रहे है। राज्य में 82 लाख छात्रों के साथ ही सभी शिक्षकों का रिकार्ड कम्प्यूटरीकृत्त किया गया है। जिसमें उनका ब्लड गु्रप, आधार कार्ड और अन्य जानकारियां संकलित की गई है।

कम्प्यूटरीकृत्त जानकारी के आधार पर हर शिक्षक एवं छात्रों को उनके जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की और से बधाई संदेश भेजे जायेंगे। राज्य में इस वर्ष एक जून के बाद पैदा होने वाली सभी बालिकाओं के परिवार को सरकारी स्कूलों में बालिकाओं की शिक्षा के लिए आर्थिक मदद दी जायेगी। बालिकाओं के जन्म के साथ ही परिवार के मुखिया के खाते में 2500 रूपये जमा करवा दिए जायेंगे और बालिका को उच्च शिक्षा तक 51 हजार रूपये तक की मदद दी जायेगी। डाईट शिक्षकों के लिए लान्च किया गया ’’प्रशिक्षक‘‘ पोर्टल शिक्षण, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की दृष्टि से उपयोगी पोर्टल साबित होगा।

राजस्थान में सूचना एवं संचार तकनीक आई.सी.टी. का सदुपयोग कर शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए जा रहे हैं। नया पोर्टल डाईट मंत्र को सुदृढ़ बनाएंगे। साथ ही गुणात्मक दृष्टि से बेहतर शिक्षक उपलब्ध करवाने और आदर्श विद्यालय में मदद करेगा, जिससे छात्रों की उत्कृष्ट नई पीढ़ी का आगाज संभव हो सकेगा। पोर्टल पर हर वर्ष शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की पद्धति का क्लैण्डर दर्शाने की अपेक्षा भी की गई है।