निजी स्कूल संचालकों की मनमानी, ग्रीष्मावकाश की भी वसूली जा रही फीस

विकास शुल्क व भवन रखरखाव के नाम पर वसूल रहे हैं राशि

राजसमंद। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते निजी स्कूल पूरी तरह से मनमाना रवैया अपना रहे हैं। शिक्षा विभाग के तमाम सख्त निर्देशों को ताक पर रखकर अच्छी शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से खुली वसूली करते हैं। कई स्कूल नियम विरुद्ध जाकर हर साल अभिभावकों से प्रवेश शुल्क लेते हैं, तो कई साढ़े १० माह की शिक्षा देकर १२ माह की फीस वसूलते हैं। जबकि नियमानुसार निजी स्कूल विद्यार्थी से केवल एक बार ही दाखिला फीस ले सकते हैं, अगर वह बच्चा दूसरे स्कूल में दाखिला लेता है, तो ही उससे फिरसे प्रवेश शुल्क लिया जा सकता है। जिले के अधिकांश निजी विद्यालय बच्चों से फीस के साथ दाखिले का भी चार्ज वसूलते हैं।

स्टाफ का ‘काट रहे पेट’

स्कूल प्रशासन विद्यार्थियों को साढ़े १० माह पढ़ाकर १२ माह की फीस वसूल रहा है। जबकि स्कूल में कार्यरत स्टाफ को वह साढ़े दस माह पढ़ाने का ही भुगतान करते हैं। इसमें से कुछ अनुदानित विद्यालय कुछ स्टाफ को ही १२ माह का भुगतान करते हैं।

इजात किया नया तरीका

कुछ स्कूल संचालकों ने दाखिला फीस लेने का अलग से तरीका इजात किया है। वह फरवरी, मार्च और अप्रेल की मासिक फीस के साथ ही एक माह की फीस दाखिले के रूप में लेते हैं। वहीं कुछ स्कूल तो प्रतिवर्ष सीधे तौर पर दाखिले के नाम से ही फीस वसूल रहे हैं।

अतिरिक्त कक्षा के नाम पर ट्यूशन

जिले के कई स्कूल संचालक बच्चों को स्कूल के बाद ट्यूशन पढ़ाते हैं। जिसकी फीस वह अतिरिक्त कक्षा के नाम से वसूलते हैं। अगर कोई बच्चा स्कूल में कोचिंग नहीं पढ़ता तो परीक्षा के दौरान उसे कम नम्बर देने की धमकी तक देते हैं। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को मजबूरन स्कूल द्वारा थोपी गई ट्यूशन पढ़वाते हैं।

मैं पता करता हूं…

अगर कोई विद्यालय नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं तो उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निजी स्कूलों से जानकारी ली जाएगी।

-युगल बिहारी दाधीच, जिला शिक्षा अधिकारी राजसमंद

कार्यशाला में स्कूल की गतिविधियां बताई, बच्चों के नामांकन का आह्वान

गजपुर। राजसमंद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सांगठ कला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भील कॉलोनी (सापोल) में एसएमसी की कार्यशाला संस्था प्रधान मांगीलाल सालवी की अध्यक्षता में हुई। कार्यशाला में उपस्थित ग्रामीणों को संस्था प्रधान सालवी ने विद्यालय की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। एजुकेट गर्ल्स की फिल्ड को-ऑर्डिनेटर साधना श्रीमाली ने एसएमसी की जिम्मेदारियों के बारे में अवगत करवाया। साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका के बारे में जानकारी देते हुए कक्षा 6 से बच्चों का नामांकन करवाने के लिए जानकारी दी।