शिक्षा विभाग के प्रश्‍न और विधानसभा में दिए गए जवाब

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राजस्‍थान विधानसभा में शिक्षा विभाग सेे संबंधित पूछे गए प्रश्‍न और उनके दिए गए उत्‍तर का यहां कंपाइलेशन किया गया है। ये सवाल फरवरी 2020 में पूछे गए और इनके जवाब दिए गए थे, इन्‍हें तारीख के क्रम में लगाया गया है।


18 फरवरी 2020

(1) प्रारम्भिक शिक्षा के समन्वित विद्यालयों के भवनों का रखरखाव : क्‍या यह सही है कि प्रारंभिक शिक्षा में सत्र 2015-16 में विद्यालयों को समन्वित करने से विद्यालय भवन रिक्‍त हुए हैं और वे वर्तमान में अनुपयोगी है यदि हां, तो वर्तमान में उक्‍त भवनों का मालिकाना हक किसके पास हैं और उनके रखरखाव के लिए कौन जिम्‍मेदार है ? बाड़मेर जिले में समन्वित करने से रिक्‍त हुए उक्‍त भवनों की वर्तमान स्थिति की विधान सभा क्षेत्रवार सूची सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : जी हॉ। स्‍कूल शिक्षा विभाग में विद्यालयों के समन्‍वयन से रिक्‍त हुए विद्यालय भवनों का मालिकाना हक शिक्षा विभाग के पास है तथा रिक्‍त भवनों के रख-रखाव हेतु जिस विद्यालय में समन्वित किया उस विद्यालय का संस्‍था प्रधान जिम्‍मेदार है। सत्र 2015-16 में बाड़मेर जिले में विद्यालय समवन्‍यन प्रक्रिया में प्रारंभिक शिक्षा अन्‍तर्गत 182 तथा माध्‍यमिक शिक्षा अन्‍तर्गत 383 विद्यालय भवन रिक्‍त हुए, जिनका विधानसभा क्षेत्रवार विवरण परिशिष्‍ट ””क-1”” तथा ””क-2”” पर संलग्‍न है।

(2) क्‍या सरकार उक्‍त रिक्‍त भवनों को भवन विहीन सरकारी संस्‍थाओं, स्‍वयं सेवी संस्‍थाओं व गैर सरकारी संस्‍थाओं अथवा सामाजिक संगठनों को रखरखाव, लीज या किराये पर देने का विचार रखती है ? यदि हां, तो किन नियमों के तहत ? विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : जी नहीं। शिक्षा विभाग में समन्‍वयन से रिक्‍त विद्यालय भवनों को राजकीय विभागों को आवंटित किये जाने का प्रावधान है, दिशा-निर्देशों की प्रति परिशिष्‍ट ””ख-1”” से ””ख-3”” पर संलग्‍न है।


12 फरवरी 2020

संस्कृत शिक्षा विभाग से सम्बंधित प्रश्न व प्रस्तुत जवाब : प्रदेश में संस्‍कृत शिक्षा को प्रोत्‍साहन देने की कार्य-योजना

1) प्रदेश में संस्‍कृत शिक्षा को प्रोत्‍साहन देने के लिए सरकार द्वारा क्‍या-क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं ? विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : संस्‍कृत शिक्षा को बढावा देने के लिए राज्‍य सरकार द्वारा किये गये प्रयासों का संक्षिप्त विवरण परिशिष्ट-1 पर संलग्न है।

(2) सरकार द्वारा विगत तीन वर्षों में संस्‍कृत शिक्षा के लिए कितनी धनराशि का प्रावधान किया गया व कितनी राशि व्‍यय की गयी? वर्षवार विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : संस्कृत शिक्षा का विगत तीन वर्षों का बजट प्रावधान एवं व्यय का वर्षवार विवरण निम्नानुसार है:-

वर्ष/ बजट प्रावधान/ व्‍यय

  • 2016-17/ 32464.79/ 31411.36
  • 2017-18/ 37690.65/ 34798.85
  • 2018-19/ 45838.87/ 45215.65

(राशि लाखों में)

(3) प्रदेश में संस्‍कृत शिक्षा के कितने विद्यालय संचालित हैं और उनमें किस-किस श्रेणी के कितने शिक्षकों के पद स्‍वीकृत है तथा वर्तमान में कितने पद रिक्‍त हैं ? श्रेणीवार, जिलेवार विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : संस्कृत शिक्षा के विभिन्‍न स्तर के 1766 राजकीय संस्कृत विद्यालय संचालित है। इन विद्यालयों में विभिन्न श्रेणीयों के स्वीकृत एवं पदों की स्थिति का श्रेणीवार, जिलेवार विवरण परिशिष्ट-2 पर संलग्न है।

(4) क्‍या सरकार उक्‍त रिक्‍त पदों को भरने का विचार रखती है ? यदि हां, तो कब तक व नहीं, तो क्‍यों ? विवरण सदन की मेज पर रखें

उत्तर : जी, हां। प्राध्यापक विद्यालय के विभिन्न विषयों के 286 पदों के क्रम में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 264 पदों पर प्रतियोगी परीक्षा हेतु विज्ञापन जारी कर आवेदन पत्र आमंत्रित किये जा चुके है। शेष 22 पदों की भर्ती हेतु कार्यवाही आयोग के स्तर पर प्रक्रियाधीन है।

  • वरिष्ठ अध्यापक के विभिन्न विषयों के 718 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाकर दिनांक 03.2.2020 से 06.02.2020 तक कॉउसलिंग का कार्य किया जा रहा है।
  • प्रधानाध्यापक प्रवेशिका के 100 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग के स्तर पर विज्ञप्ति जारी किये जाने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
  • वरिष्ठ अध्यापक के 177 पदों को भरने हेतु राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वर्तमान में 718 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् अर्थना भिजवाने के निर्देश दिये गये है।
  • शारीरिक शिक्षक III ग्रेड के 60 पद, पुस्तकालयाध्यक्ष III ग्रेड के 31 पदों पर प्रतियोगी परीक्षा हेतु अर्थना राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भिजवाई जा चुकी है।
  • अध्यापक के 226 पदों पर विभागीय स्तर पर भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
  • कनिष्ठ सहायकों के 131 पदों की अर्थना प्रशासनिक सुधार विभाग को भिजवाई हुई है।
  • प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्राध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों के पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों पर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
  • उक्त पदों पर सीधी भर्ती/पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण होने पर अध्यापकों से रिक्त पदों को भरा जा सकेगा ।

11 फरवरी 2020

वित्त विभाग से जुड़ा प्रश्न व प्रस्तुत जवाब : वर्ष 2004 के पश्‍चात नियुक्‍त कर्मचारियों के आउटडोर चिकित्‍सा बिलों का पुनर्भरण

(1) क्‍या यह सही है कि प्रदेश में दिनांक 01 जनवरी, 2004 के पश्‍चात् नियुक्‍त सरकारी कार्मिकों को आउटडोर के इलाज पर होने वाले व्‍यय का सरकार पुनर्भुगतान नहीं करती है ? यदि हां, तो क्‍यों ? कारण सहित विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : जी हां। दिनांक 01.01.2004 के पश्चात नियुक्त राज्यकर्मियों को मेडिक्लेम पॉलिसी के अर्न्तगत चिकित्सा सुविधा प्रदत्त की गयी है, जिसमें आउट डोर में ईलाज की सुविधा नहीं है। दिनांक 01.01.2004 के पश्चात नियुक्त राज्यकर्मियों को नीतिगत निर्णय के अनुसार मेडिक्लेम पॉलिसी के अर्न्तगत चिकित्सा सुविधा प्रदत्त की गयी है।

(2) क्‍या यह भी सही है कि प्रदेश में दिनांक 01 जनवरी, 2004 के पश्‍चात् नियुक्‍त सरकारी कार्मिकों को अब उक्‍त मेडिकल सुविधा देने हेतु सरकार द्वारा प्रस्‍ताव तैयार किया गया है ? यदि हां, तो विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : जी नहीं। राज्य सरकार के स्तर पर कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है।

(3) क्‍या सरकार प्रदेश में दिनांक 01 जनवरी, 2004 के पश्‍चात् नियुक्‍त सरकारी कार्मिकों को भी आउटडोर चिकित्‍सा बिलों का पुनर्भरण करने के प्रस्‍ताव को मंजूर करने का विचार रखती है ? यदि हां, तो कब तक व नहीं, तो क्‍यों ? विवरण सदन की मेज पर रखें ।

उत्तर : जी नहीं। राज्य सरकार के स्तर पर अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।


11 फरवरी 2020

(1) प्रदेश में शिक्षकों के वर्तमान में किस-किस श्रेणी के कितने-कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा कितने पद रिक्‍त हैं ? श्रेणीवार संख्‍या विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : प्रदेश में शिक्षकों के स्‍वीकृत एवं रिक्‍त पदों का श्रेणीवार विवरण निम्‍नानुसार है:-

  • श्रेणी/ स्‍वीकृत/ रिक्‍त
  • प्रधानाचार्य
  • 10847/ 685
  • प्रधानाध्‍यापक एवं समकक्ष
  • 3650/ 967
  • व्‍याख्‍याता स्‍कूल शिक्षा एवं समकक्ष
  • 52699/ 10965
  • शा. शिक्षक ग्रेडप्रथम
  • 265/ 229
  • कोच एवं समकक्ष
  • 40/ 13
  • अध्‍यापक श्रेणीद्वितीय/वरिष्‍ठ अध्‍यापक
  • 91150/ 21755
  • शा. शिक्षक द्वितीय ग्रेड
  • 3374/ 654
  • तृतीय श्रेणी अध्‍यापक लेवल-1 एवं समकक्ष
  • 162451/ 17966
  • तृतीय श्रेणी अध्‍यापक लेवल-2 एवं समकक्ष
  • 105130/ 13527
  • शा. शिक्षक तृतीय ग्रेड एवं समकक्ष
  • 19639/ 4232
  • योग
  • 449245/ 70993

(2) विगत पांच वर्षों में किस-किस श्रेणी के कितने-कितने शिक्षकों की भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी की गई तथा कितनी नवीन नियुक्ति की गई ? श्रेणीवार, वर्षवार संख्‍या विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : गत पांच वर्षो में शिक्षकों की भर्ती हेतु जारी विज्ञापन, प्रदत्‍त नियुक्तियों का श्रेणीवार एवं वर्षवार संख्‍यात्‍मक विवरण प्रारम्भिक शिक्षा का परिशिष्‍ट– ”पर तथा माध्‍यमिक शिक्षा का विवरण परिशिष्‍ट– ”पर संलग्‍न है।

(3) प्रदेश में वर्तमान में किस-किस श्रेणी के कितने-कितने शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है ? श्रेणीवार संख्‍या विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : वर्तमान में विभिन्‍न श्रेणीयो की प्रक्रियाधीन नियुक्तियों का श्रेणीवार संख्‍यात्‍मक विवरण परिशिष्‍ट– ”में सम्‍मलित है।

(4) क्‍या यह सही है कि विधान सभा क्षेत्र शेरगढ की अनेकों विद्यालयों में भी विभिन्‍न श्रेणी के शिक्षकों के पद रिक्‍त हैं ? यदि हां, तो किस-किस श्रेणी के, कितने-कितने पद रिक्‍त हैं ? पंचायत समितिवार विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : विधानसभा क्षेत्र शेरगढ में शिक्षा विभाग अन्‍तर्गत संचालित राजकीय प्राथमिक/उच्‍च प्राथमिक एवं राजकीय माध्‍यमिक/उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों में विभिन्‍न श्रेणी के शिक्षकों के रिक्‍त पदों का पंचायत समितिवार विवरण क्रमश: परिशिष्‍ट– ”एवं पर संलग्‍न है।

(5) क्‍या सरकार उक्‍त रिक्‍त पदों को समानीकरण अथवा नवीन भर्ती द्वारा भरने का विचार रखती है ? यदि हां, तो कब तक व नहीं, तो क्‍यों ? विवरण सदन की मेज पर रखें।

उत्तर : प्रारम्भिक शिक्षा विभाग अन्‍तर्गत रिक्‍त पदों को भरने की एक सतत् प्रक्रिया है। स्‍टाफिंग पैटर्न हेतु विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देश दिनांक 28.05.2019 के अनुसार विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन के आधार पर शैक्षणिक कार्मिकों के पदों का निर्धारण/आवंटन किया जा चुका है, जिससे अधिशेष हुए अध्‍यापकों/कार्मिको को आवश्‍यकता वाले विद्यालयों के रिक्‍त पदों पर लगाये जाने की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। प्रारम्भिक शिक्षा विभाग अन्‍तर्गत उपलब्‍ध रिक्‍त पदों को समयसमय पर वित्‍त विभाग से प्राप्‍त स्‍वीकृतियों के अनुसार सीधी भर्ती के माध्‍यम से भरा जाता है।

माध्‍यमिक शिक्षा विभाग अन्‍तर्गत राजस्‍थान लोक सेवा आयोग, राजस्‍थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर एवं विभागीय पदौन्‍नति समिति द्वारा चयनित पात्र आशार्थी उपलब्‍ध कराये जाने पर रिक्‍त पदों को भरा जाता है।