दस्तावेज सत्यापन के दो महीने बाद फिर टल गई नियुक्तियां

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अब छंटनी से तय होगी पदस्थापन प्रक्रिया

2013 की कनिष्ठ लिपिक भर्ती का मामला

बांसवाड़ा। पिछले पांच साल से चल रही जिला परिषद की कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 की प्रक्रिया फिर खटाई में पड़ गई है। कोर्ट के आदेश पर दो महीने पहले आवेदकों का दस्तावेज सत्यापन करनेे के बाद कुछ मामलों में सरकार की ओर से अपील करने के निर्णय की जानकारी पर नियुक्तियां (appointments) टाल दी गई है। अब छंटनी और मौजूदा पदों की स्थिति स्पष्ट होने पर पदस्थापन प्रक्रिया संभव होगी। गौरतलब है कि 2013 में संविदाकर्मियों को बोनस अंक देकर स्थायी करने के लिए सरकार की ओर से विज्ञप्ति जारी की गई थी, लेकिन कुछ लोगों को नियुक्तियां देने के बाद मामला कोर्ट में चला गया। न्यायालय के निर्णय की पालना में अभ्यर्थियों के अगस्त, 2017 में दस्तावेज सत्यापन कर 1 सितंबर 2017 को नियुक्ति आदेश जारी करने का कैलेंडर सरकार ने जारी किया, लेकिन फिर गतिरोध बन गया। उसके बाद 3 जनवरी, 2018 को जिला परिषद बांसवाड़ा की ओर से 80 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, लेकिन नियुक्ति आदेश फिर अटक गए। इसे लेकर अभ्यर्थियों की ओर से कई बार अधिकारियों से संपर्क कर ज्ञापन दिए गए, लेकिन संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। इधर, जिला परिषद के सीईओ हर्ष सावनसुखा ने बताया कि कुछ अभ्यर्थियों के कोर्ट केस को लेकर नियुक्तियों से पहले आखिरी निर्णय जानने के लिए राज्य सरकार से परामर्श मांगा था। इस पर पांच दिन पहले ही पत्र आया, जिससे स्पष्ट हुआ कि कुछ मामलों में सरकार की अपील की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थियों को लेकर छंटनी करनी है।

अप्रशिक्षित शिक्षकों को करना होगा बेसिक कोर्स

बांसवाड़ा। जिले में स्काउट मास्टर कब मास्टर बेसिक कोर्स के लिए 2 मई से 8 मई तक लगने वाले शिविर में सभी पीईईओ के अधीन सैकंडरी और सीनियर सैकंडरी स्कूलों के अप्रशिक्षित शिक्षकों को अनिवार्य रूप से हिस्सा लेना लेगा। यह जानकारी डीईओ माध्यमिक एवं जिला कमीश्नर राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने मंगलवार को राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड राज्य मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर आयोजित सत्र 2018-19 की पहली जिला मूल्यांकन बैठक में मंगलवार को दी। द्विवेदी ने बताया कि इसके अलावा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल से भी कब मास्टर प्रशिक्षित करवाए जाएंगे। जिन स्कूलों से प्रशिक्षण शिविर में सहभागिता नहीं होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विशिष्ट अतिथि सहायक राज्य संगठन आयुक्त मानमहेन्द्रसिंह भाटी ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पहले गत वर्ष की उपलब्धियों पर चर्चा कर राज्य मुख्यालय के कैलेण्डर अनुसार सभी स्थानीय संघों को अनिवार्य स्काउटिंग के लिए पाबंद किया गया।