रिफ्रेशर प्रोग्रामों के लिए 75 राष्ट्रीय संसाधन केन्द्रों को अधिसूचित किया

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मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वयं के माध्यम से उच्च शिक्षा फैकल्टी के लिए ऑनलाइन

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एमओओसी प्लेटफॉर्म ‘स्वयं’ का उपयोग करते हुए 1.5 मिलियन उच्च/शिक्षा फैकल्टी के ऑनलाइन पेशेवर विकास का बड़ा और अनूठा कार्यक्रम प्रारंभ किया है। पहले चरण में 75 अध्ययन-विषय विशेष राष्ट्रीय संसाधन केन्द्र चिन्ह्ति किये गये है। इन केन्द्रों से अध्ययन-विषय विशेष में नवीनतम विकास, उभरती प्रवृत्तियों, शैक्षणिक सुधार और संशोधित पाठ्यक्रम लागू करने के लिए तौर-तरीकों पर फोकस के साथ ऑनलाइन प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने को कहा गया है। विभिन्न संस्थान जैसे केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षण और प्रशिक्षण पर बने पंडित मदनमोहन मालवीय राष्ट्रीय मिशन (पीएमएमएमएनएमटीटी), आईआईएससी, आईयूसीएए, आईआईटी, आईआईएसईआर, एनआईटी, राज्य के विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानव संसाधन विकास केन्द्र (एचआरडीसी), राष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान (एनआईटीटीटीआर), आईआईआईटी और मुक्त विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय संसाधन केन्द्र (एनआरसी) के रूप में अधिसूचित किया गया है। इन संसाधन केन्द्रों में एनआरसी, समाज विज्ञान, विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग, कला, भाषा, शिक्षण, वाणिज्य, प्रबंधन, शिक्षा नियोजन और प्रशासन, लोक नीति, नेतृत्व और शासन संचालन, पुस्तकालय और सूचना विज्ञान, खगोल विज्ञान तथा खगोल भौतिकी, निर्धारण और मूल्यांकन, अध्यापन कला और शोध विधि, नैनो साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे विभिन्न अध्ययन-विषय हैं।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत विषय और वरिष्ठता को परे रखते हुए सेवारत सभी शिक्षकों के लिए प्रौद्योगिकी आधारित ऑनलाइन रिफ्रेशर कॉर्स के माध्यम से अपने-अपने विषयों में हुये नवीनतम विकास से अवगत रखने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय संसाधन केन्द्र रिफ्रेशर मॉड्यूल विकसित करेंगे, जिनमें प्रत्येक वर्ष के 15 जून तक निर्धारित विषयों की नवीनतम प्रवृत्तियां शामिल की जाएंगी। प्रत्येक वर्ष 01 अक्टूबर से सभी शिक्षकों को ‘स्वयं’ के माध्‍यम से प्रशिक्षण सामग्रियां अपलोड करके उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी सफलता पर इसे जनवरी में दोहराया जाएगा। एनआरसी 31 दिसम्बर, 2018 तक प्रमाणित फैकल्टी की सूची प्रकाशित करेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग कैरियर की प्रगति और समीक्षा के उद्देश्य से आदेश/नियम जारी करेगा। फैकल्टी को इस कार्यक्रम से लाभ होगा क्योंकि कार्यक्रम अत्यधिक लचीला है और अपने स्थान और समय के अनुसार पूरा किया जा सकता है। राष्ट्रीय संसाधन केन्द्र आईसीटी तथा स्वयं के ऑनलाइन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का लाभ उठाते हुए बड़े पैमाने पर फैकल्टी के पेशेवर विकास का कार्य करेंगे।