संस्थाप्रधान बने शिक्षक नेता स्कूल में मनमर्जी से आना-जाना

shivira shiksha vibhag rajasthan shiksha.rajasthan.gov.in district news DPC, RajRMSA, RajShiksha Order, rajshiksha.gov.in, shiksha.rajasthan.gov.in, Shivira Panchang February 2017, अजमेर, अभिनव शिक्षा, अलवर, उदयपुर, करौली, कोटा, गंगानगर, चित्तौड़गढ़, चुरू, जयपुर, जालोर, जैसलमेर, जोधपुर, झालावाड़, झुंझुनू, टोंक, डीपीसी, डूंगरपुर, दौसा, धौलपुर, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, प्राइमरी एज्‍युकेशन, प्राथमिक शिक्षा, बाड़मेर, बारां, बांसवाड़ा, बीकानेर, बीकानेर Karyalaye Nirdeshak Madhyamik Shiksha Rajisthan Bikaner, बूंदी, भरतपुर, भीलवाड़ा, माध्‍यमिक शिक्षा, मिडल एज्‍युकेशन, राजसमन्द, शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा निदेशालय, शिक्षा में बदलाव, शिक्षा में सुधार, शिक्षा विभाग राजस्‍थान, सरकार की भूमिका, सवाई माधोपुर, सिरोही, सीकर, हनुमानगढ़

डूंगरपुर। बिछीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय अधीन राप्रावि वजेला गामड़ी अहाड़ा स्कूल में संस्थाप्रधान के तौर पर कार्यरत शिक्षक नेता हरिराम लबाना अपनी मर्जी से स्कूल आते हैं और मर्जी से ही जाते हैं। उनका व्यवहार भी अच्छा नहीं है। पिछले दिनों ही लबाना को लेकर जयपुर में मिली शिकायत पर डीईओ मणिलाल छगण को बताया गया। डीईओ ने इस मामले की जांच के लिए एडीपीसी गोवर्धन यादव को निर्देश दिए। मंगलवार को एडीपीसी यादव स्कूल में पहुंचे तो संस्थाप्रधान तय समय पर स्कूल में नहीं मिले। बाद में निरीक्षण किया तो कई तरह की पोल खुली और अनियमितताएं मिली। जबकि बताया जाता है कि संस्थाप्रधान स्वयं किसी ओर स्कूल में एसएमसी सदस्य है। दूसरी ओर 11 बजे एडीपीसी और दल पहुंचा तो संस्थाप्रधान नहीं थे। ग्रामीणों, बच्चों और अभिभावकों से पूछा गया तो यहीं बात सामने आई कि वह अपनी मर्जी से ही स्कूल में आना – जाना करते है। साथ ही ग्रामीणों से भी उनका व्यवहार संतोषप्रद नहीं है। स्कूल में छात्र उपस्थिति रजिस्टर ही अधूरे मिले। इसके अलावा कई गड़बड़ियां और रिकॉर्ड अधूरे मिले है।

पीपलीखूंट स्कूल में बच्चों को किताबें बांटी

पीपलीखूंट। प्रवेशोत्सव के पहले चरण में राउमा स्कूल धोलापानी में बच्चों का प्रार्थना सभा में तिलक लगाकर स्वागत किया। इस दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य विकास जाट ने बताया कि स्कूल में नव प्रवेशी बच्चों को निशुल्क किताबें और राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली अभ्यास पुस्तिकाएं भी बांटी गई। स्कूल के पुस्तकालय प्रभारी भूरी सिंह मीणा ने बताया कि बची हुई किताबें में से कुल 66 बच्चों को निशुल्क किताबें बांटी गई है। इस मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधि सरपंच गौरी टांक ने छात्रों को बताया कि ग्रीष्मकाल में सभी छात्र छात्राओं को किताबों का भरपूर उपयोग करना है। वहीं पंचायत समिति सदस्य उर्मिला मीणा ने सभी बच्चों को स्कूल में प्रवेश लेने के साथ प्रवेशोत्सव के तहत और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का भी प्रयास किया जाए।