सरकारी विद्यालयों को मरम्मत एवं साफ सफाई के लिए प्रतिवर्ष 25 हजार रूपये

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जयपुर। राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजकीय विद्यालयों को मरम्मत एवं साफ सफाई के लिए प्रतिवर्ष 25 हजार रूपये दिए जायेंगे। देवनानी आज यहां शिक्षा संकुल में आयोजित मुख्यमंत्री सलाहकार शिक्षा उप समूह समिति की 8वीं समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे विद्यालयों में मरम्मत, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक कार्य करवाए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कम्प्यूटर शिक्षा को प्रोत्साहन के तहत 5 हजार 500 नए विद्यालयों में आईसीटी लैब की स्थापना की जायेगी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य में शैक्षिक नवाचारों को बढ़ावा देते हुए प्रदेश में शिक्षा का तेजी से विकास किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अब कक्षा 6 से 12 वीं तक संचालित किये जाएंगे। पहले यह कक्षा 6 से 8 तक संचालित किए जाते थे। उन्होंने प्रदेश में सर्व शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा अभियान के स्थान पर चलने वाले समग्र शिक्षा अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि इस अभियान में नवचारों को अपनाते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

टीएसपी क्षेत्र में रीट की परीक्षा देने वाले सभी अभ्यर्थियों का चयन

टीएसपी अधिसूचना का सभी वर्गों को मिला लाभ

बांसवाड़ा। प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक की ओर से राजस्थान प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सीधी भर्ती 2018 की कट ऑफ घोषित होते ही वागड़ सहित समूचे जनजाति उपयोजना क्षेत्र में अचानक ही दिवाली सी खुशियां छा गई हैं। टीएसपी के लिए घोषित हुई कट ऑफ में स्थितियां यह बनी है कि यहां रीट पास होने वाले हर अभ्यर्थी ने सरकारी शिक्षक बनने की पात्रता हासिल कर ली है। सब कुछ ठीक ठाक रहा, तो जल्द ही दस्तावेज सत्यापन संबंधित औपचारिकताएं पूर्ण होगी और इस क्षेत्र के हजारों बेरोजगार अभ्यर्थी नए शैक्षिक सत्र में सरकारी विद्यालयों में अध्यापन कराएंगे। जबकि, गैर जनजाति उपयोजना क्षेत्र में कट ऑफ की स्थितियां ऐसी नहीं रही हैं।

पद खाली रहने की संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि अधिसूचना के तहत यहां के लिए सृजित पदों पर स्थानीय अभ्यर्थी ही लगने हैं। बाहर का अभ्यर्थी लगना नहीं है। लेवल प्रथम में जो स्थितियां बनी हैं। इससे साफ लग रहा है कि विभाग को पद की तुलना मेें एसटी वर्ग को छोड़ शेष अन्य वर्गों में रीट उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही नहीं मिले हैं तथा इन वर्गों में पद खाली रहने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। कमोबेश यही स्थितियां द्वितीय लेवल में भी रह सकती है।

अधिसूचना का लाभ

लम्बे संघर्ष के बाद जनजाति उपयोजना क्षेत्र के लिए पूर्व सरकार एवं बाद मेें इस वर्तमान सरकार ने विशेष अधिसूचना लागू की है। इसके तहत इस क्षेत्र में सृजित होने वाले समस्त पदों पर स्थानीय लोगों को ही वरीयता अनुसार पदस्थापन देेने के प्रावधान तय किए हैं। इस अधिसूचना के धरातलीय असर अब नजर आने लगे हैं और इसका लाभ समस्त वर्गों को मिल रहा है।

रीट पास, सरकारी शिक्षक

12वीं बाद एसटीसी करने वाले अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती के लेवल वन के लिए पात्र थे। इसमें एसटी वर्ग के लिए रीट उत्तीर्णता प्रतिशत महज 36 फीसदी था। जबकि, अन्य वर्गों के लिए 60 फीसदी था। शुक्रवार शाम को भर्ती के लिए कट ऑफ जारी किया। इसमें रीट उत्तीर्ण सभी का चयन कर लिया गया है। सामान्य, ओबीसी, एससी में 60 या 60 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले सभी अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। वहीं, एसटी में यह कट ऑफ और नीचे उतर 51.33 फीसदी तक चला गया है।

गैर टीएसपी का कट ऑफ

नोन टीएसपी में कट ऑफ सामान्य का 74, ओबीसी का 72, एससी का 68, एसटी का 65.33 प्रतिशत रहा है। टीएसपी क्षेत्र के लिए प्रथम लेवल में 4264 तथा गैर टीएसपी क्षेत्र के लिए 19 हजार 761 पद सृजित किए हैं।