शिक्षा के नाम पर चल रहा खेल

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राइट टू एजुकेशन के नाम पर कूटी जा रही है

दोहरे नामांकन की जांच में निजी स्कूल की करतूत आई सामने

जोधपुर। लूणी तहसील क्षेत्र की एक निजी स्कूल में दोहरे नामांकन की शिकायत के बाद जांच करने पर एक छात्र का नाम सरकारी व निजी स्कूल दोनों में मिला। इस छात्र का नाम निजी स्कूल ने राइट टू एजुकेशन के तहत फीड कर रखा था। छात्र का पुनर्भरण भी राज्य सरकार से उठा लिया गया। यह छात्र कुछ समय सरकारी व कुछ समय निजी स्कूल में जाता था। इस मामले में उपनिदेशक माध्यमिक, माध्यमिक शिक्षा (shiksha) निदेशालय ने स्कूल से वसूली योग्य राशि लेकर विभाग को राजकोष में चालान के माध्यम से जमा करवाने के निर्देश दिए। यह मामला विभाग ने ऑनलाइन पकड़ा। वहीं इस तरह के मामले जोधपुर जिले में अत्यधिक हैं। सरकारी स्कूल नामांकन बढ़ाने के चक्कर में विद्यार्थियों का नाम लिख देते है, जबकि ये विद्यार्थी निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं। इन मामलों को विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उजागर नहीं होने दे रहे। पत्रिका ने इस मामले में डीईओ माध्यमिक प्रथम रामेश्वर प्रसाद जोशी को फोन लगाया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। गौरतलब हैं कि प्रत्येक निजी स्कूल को आरटीई कानून के तहत 25 फीसदी बच्चों को शुरुआती कक्षाओं में नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है। जिनकी फीस का भुगतान सरकार करती है।

बीएसटीसी (प्री-डीएलएड) का परीक्षा परिणाम जारी

शिक्षा राज्य मंत्री ने जारी किया परीक्षा परिणाम

326 राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों में 20 हजार 920 सीटों पर होगा प्रवेश

जयपुर। शिक्षा राज्य मंत्री श्री वासुदेव देवनानी ने बुधवार को शिक्षा संकुल स्थित सभागार में  बी.एस.टी.सी. (प्री-बीएसटीसी-डीएलएड) प्रवेश पूर्व परीक्षा का परिणाम घोषित किया। उन्होंने गुरू गोविन्द जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा द्वारा परीक्षा लिये जाने के एक माह के अंदर परीक्षा परिणाम जारी किए जाने पर विश्वविद्यालय को बधाई दी तथा कहा कि जल्द ही बीएसटीसी सफल अभ्यर्थियों की काउन्सिलंग प्रारंभ की जाएगी।

देवनानी ने बताया कि बीएसटीसी की परीक्षा 6 लाख 3 हजार 55 अभ्यर्थियों ने दी।  इनमें 3 लाख  3 हजार 949 पुरूष तथा 2 लाख 99 हजार 106 महिला अभ्यर्थी सम्मिलित हैं।

शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि बीएसटीसी की कुल 20 हजार 920 सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि इनमें बीएसटीसी सामान्य की 19 हजार 650, बीएसटीसी संस्कृत की    एक हजार 220 तथा बीएसटीसी अल्पसंख्यक की 50 सीटों के लिए राज्य के 326 कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। इस समय बीएसीटीसी सामान्य के राज्य में 309, बीएसटीसी संस्कृत के 16 तथा बीएसटीसी अल्पसंख्यक का एक कॉलेज राज्य में हैं।

गोविन्द गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीएसटीसी परीक्षा के अंतर्गत प्री-डीएलएड (सामान्य) में राज्य के जालौर जिले के बालाना गांव के जयराम ने तथा बाड़मेर जिले की पूजा गौड़ ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार प्री-डीएलएड (संस्कृत) में टोंक जिले थालमपुरा के सुरेश कुमार सैनी ने तथा टोंक के ही निमाहेड़ा की प्रिया चौधरी ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। प्री-डीएलएड (अल्पसंख्यक) में टोंक के मालपुरा की समन जिया और अजमेर के मुसीब खान ने राज्यभर में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। श्री देवननानी ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले इन अभ्यर्थियों व्यक्तिशः बधाई भी दी तथा इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस मौके पर गोविन्द गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडानी ने बताया कि राज्य के 33 जिलों के एक हजार 856 परीक्षा केन्द्रों पर 6 मई 2018 को राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्री-डीएलएड बीएसटीसी सीटों के लिए परीक्षा का आयेाजन किया गया था। विश्वविद्यालय ने परीक्षा कराने के एक माह के अंदर ही परीक्षा परिणाम जारी किया है। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए राज्य सरकार के लिए सहयोग के लिए आभार भी जताया।