शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, IIT और NIT में छात्र मातृभाषा में कर सकेंगे पढ़ाई

शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, IIT और NIT में छात्र मातृभाषा में कर सकेंगे पढ़ाई

शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, IIT और NIT में छात्र मातृभाषा में कर सकेंगे पढ़ाई


IIT और NIT के अगले एकेडमिक सेशन (2020-2021) में छात्रों को उनकी मातृभाषा में इंजीनीयरिंग की पढ़ाई करने का मौका मिल सकेगा। गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग के बाद शिक्षा मंत्री ने इसकी घोषणा की।

अभी कुछ संस्थानों को किया जाएगा शॉर्टलिस्ट इस मीटिंग के बाद एक अधिकारी ने बताया कि शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में ये फैसला लिया गया है कि अगले सेशन से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में छात्रों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाई करने का मौका मिल सकेगा। अधिकारी ने बताया कि अभी इस सुविधा के लिए IIT और NIT के कुछ ही संस्थानों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। IIT (BHU) में होगी हिंदी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई जानकारी के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय की तरफ से अभी IIT बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी को इसके लिए चुना गया है। यहां छात्रों को हिंदी भाषा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।

आने वाले समय में IIT और NIT के और भी संस्थानों में इस प्रारूप पर छात्रों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। आने वाले समय में IIT, NIT और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के अधिकारियों के साथ बैठक में अन्य संस्थानों के नाम तय किए जाएंगे, जहां छात्रों को मातृभाषा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। नई शिक्षा पॉलिसी के बाद क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा पर जो रहे हैं पोखरियाल आपको बता दें कि नई शिक्षा पॉलिसी लागू होने के बाद से शिक्षा मंत्री क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा पर अधिक जोर दे रहे हैं। नई शिक्षा पॉलिसी लागू होने के बाद रमेश पोखरियाल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि किसी की मातृभाषा में शिक्षा जहाँ भी संभव हो, वहां प्रदान की जानी चाहिए।