शिक्षक करेंगे शिविरों का बहिष्कार, सेवा नियमों के खिलाफ जयपुर में रैली

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जयपुर। दो शिक्षक संगठनों की ओर से सोमवार को अपनी मांगों को लेकर अलग अलग आंदोलन किया जाएगा। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ सोमवार से शुरू हो रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आवासीय प्रशिक्षण शिविरों का बहिष्कार करेगा। साथ ही जिला कलेक्टरों को ज्ञापन देकर शिविरों को गैर आवासीय करने की मांग करेगा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष शशिभूषण शर्मा का कहना है कि शिक्षा विभाग आवासीय शिविर आयोजित करने पर हठधर्मिता अपना रहा है, जबकि इस भीषण गर्मी में शिविरों को आवासीय करने का कोई औचित्य नहीं है। शिविरों में करीब 1 लाख शिक्षिका और 50 हजार शिक्षकों के प्रशिक्षण की तैयारी है। शिक्षिकाओं की इतनी बड़ी तादात के बावजूद शिविरों में माकूल इंतजाम नहीं है। पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था और एक शिक्षक की मौत हो गई थी। उनकी मांग है कि विभाग को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करके इनको गैर आवासीय करे। उधर, संस्कृत शिक्षा में सेवा नियमों के संशोधनों को वापस लेने की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की संस्कृत बचाओ संघर्ष समिति की ओर से 22 गोदाम पुलिया से सुबह 10:30 बजे ज्योति नगर टी प्वाइंट तक रैली निकाली जाएगी। इसमें प्रदेशभर से शिक्षक शामिल होंगे। संघर्ष समिति के संयोजक सियाराम शर्मा का कहना है कि संस्कृत शिक्षा में जो नियम लागू किए गए हैं वो शिक्षा और शिक्षकों के हित में नहीं है।

बिना तबादला सूची एक हफ्ते बाद लौटे डीईओ, अब डीडी को जयपुर बुलाया

उदयपुर। प्रदेश के हजारों शिक्षकों को गृह जिले में तबादले का इंतजार है। इसे लेकर जयपुर में एक माह से शिक्षा अधिकारियों को बुलाकर सूची बनवाई जा रही है और 15 मई तक पहली सूची जारी हो सकती है। इस बीच जयपुर से एक सप्ताह बाद डीईओ-प्रारंभिक रामकृष्ण गर्ग बिना तबादला सूची के उदयपुर लौट आए हैं। शिक्षा राज्य मंत्री ने प्रारंभिक शिक्षा के सभी डीईओ को जयपुर बुलाया था। सूची तैयार कराने आए डीईओ और मातहतों के मोबाइल फोन उपयोग पर प्रतिबंध है। हालांकि अब वे लौट रहे हैं। अब माध्यमिक शिक्षा उपनिदेशक भरत मेहता को सूचनाओं के साथ बुलाया गया है। पहले ग्रेड थर्ड और ग्रेड सेकंड शिक्षकों के तबादले होंगे। फिर अन्य पदों के तबादले किए जाएंगे।

मंत्रियों की अभिशंसा पर हो रहा संशोधन

बताया जा रहा है कि कभी मंत्री तो कभी मुख्यमंत्री की अभिशंसा से आने वालों नामों पर सूची में संशोधन जारी है। इस बार सरकार ने अंतरजिला तबादलों की छूट दी है। ऐसे में बरसों से गृह जिले में आने का इंतजार कर रहे शिक्षकों का जनप्रतिनिधियों पर भारी दबाव है। शिक्षकों का मानना है कि वे अभी गृह जिले में लौटे तो मौका नहीं मिलेगा।

एक हजार से ज्यादा डिजायर

उदयपुर मंडल में शिक्षकों को एक हजार से ज्यादा डिजायर आ चुकी है। शिक्षकों ने अपने गृह जिले में जाने के लिए प्रधान, विधायक, मंत्रियों तक से अभिशंसा कराई है। इन दिनों स्कूलों में अवकाश है और शिक्षकों में सिर्फ तबादले को लेकर चर्चा है।