राजस्थान में कोरोना से संक्रमित पाये जाने पर भी शिक्षकों को क्वारेनटाइन लीव नहीं मिलेगी

राजस्थान में कोरोना से संक्रमित पाये जाने पर भी शिक्षकों को क्वारेनटाइन लीव नहीं मिलेगी | No Quarantine Leave for Teachers in Rajasthan
राजस्थान में कोरोना से संक्रमित पाये जाने पर भी शिक्षकों को क्वारेनटाइन लीव नहीं मिलेगी | No Quarantine Leave for Teachers in Rajasthan

राजस्थान में कोरोना से संक्रमित पाये जाने पर भी शिक्षकों को क्वारेनटाइन लीव नहीं मिलेगी
No Quarantine Leave for Teachers in Rajasthan

कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद भी शिक्षकों को क्वारेंटाइन लीव नहीं दिए जाने से शिक्षकों में नाराजगी है। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने विभाग के इस निर्णय पर आपत्ति जताई है।

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के अध्यक्ष का बयान

संघ के प्रदेश महामंत्री अरविंद व्यास ने कहा कि पहले सरकार ने शिक्षकों के वेतन में 5,3,2,1 दिन के वेतन की कटौती करने के साथ मार्च के 16 दिनों का वेतन स्थगित कर दिया फिर बकाया डीए एरियर भुगतान व सरेंडर भुगतान पर रोक लगा दी और अब तक दीपावली बोनस भुगतान की घोषणा नहीं की है। इतना ही नहीं अब विभाग शिक्षकों के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर क्वारेंटाइन लीव नहीं दे रहा, जिससे शिक्षकों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से बार बार ज्ञापन देकर, आंदोलन के जरिए शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया लेकिन उनकी वाजिब मांगों को लगातार नजर अंदाज किया गया।

राजस्थान शिक्षा विभाग का कोरोना काल में शिक्षकों के प्रति रुख

कोविड-19 के इस दौर में शिक्षक फ्रंटलाइन वॉरियर हैं। मार्च में लगातार सर्वे से लेकर नवंबर तक चलने वाले कोरोना जन जागरण अभियान तक में शिक्षक लगाए गए हैं। ड्यूटी के दौरान सैकड़ों शिक्षक संक्रमित भी हुए। संक्रमितों को डॉक्टर की सलाह पर 14 या इससे अधिक दिन हॉस्पिटल या होम आइसोलेशन में रहना पड़ा। व्यास ने बताया कि ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने वाले शिक्षकों (टीचिंग-नॉन टीचिंग स्टाफ) के अवकाश का प्रावधान भी बनाया गया।

राज्य सरकार के वित्त विभाग ने 12 मई को एक आदेश जारी कर कोरोना महामारी को अन्य संक्रमण जनित बीमारियों की श्रेणी में शामिल करते हुए क्वारेंटाइन लीव देने का प्रावधान किया। इससे शिक्षा विभाग के शिक्षकों और नॉन टीचिंग स्टाफ ने बड़ी राहत पाई कि पॉजिटिव होने पर सरकार उन्हें अवैतनिक अवकाश दे रही हैं, लेकिन नियमों की गांठें खुली तो आक्रोश बढ़ गया। दरअसल यह बात जानकारी में आई, जो शिक्षक-कर्मचारी स्वयं कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, उन्हें अपने खाते की पीएल या एचपीएल स्वीकृत करवानी होगी।

केवल डॉक्टर के सिकनेस और फिटनेस सर्टिफिकेट से कुछ नहीं होगा। जबकि उन शिक्षक-कार्मिकों को सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा, जिनके परिवार का कोई सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो जाए और कर्मचारी को भी होम क्वारेंटाइन में रखा जाए। व्यास ने बताया कि सामान्य प्रशासनिक विभाग ग्रुप 5 के विशिष्ट शासन सचिव ने हाल ही आदेश जारी कर यह स्पष्ट किया है कि राजस्थान सेवा नियम 51 के तहत कर्मचारी के स्वयं कोरोना पॉजिटिव होने पर क्वारेंटाइन लीव देय नहीं है। उसे स्वयं के खाते की पीएल या एचपीएल ही लेनी होगी।

सरकारी शिक्षकों को उपार्जित अवकाश का भी लाभ नहीं मिल रहा

संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री प्रहलाद शर्मा ने बताया कि किसी भी शिक्षक के कोरोना पीडि़त होने पर उसे क्वांरनटाइन अवकाश के स्थान पर उपार्जित अवकाश लेने के आदेश से शिक्षकों को न्यूनतम 14 पीएल लेनी पड़ेंगी। ऐसे में किसी कार्मिक या शिक्षक का एक दिन का वेतन 1500 रुपए माने तो न्यूनतम 14 पीएल अवकाश लेने से 21 हजार रुपए का नुकसान होगा। अध्यापकों को उपार्जित अवकाश का लाभ भी नहीं मिल रहा है। एक साल में शिक्षकों को 15 और राज्य कर्मचारियों को 30 उपार्जित अवकाश देय है। 45 दिनों केे ग्रीष्मावकाश में ड्यूटी करने पर 45 दिन कार्य अवधि का एक तिहाई उपार्जित अवकाश अतिरिक्त अर्जित कर सकने प्रावधान है।

किन्तु ग्रीष्मावकाश में कोरोना (कोविड-19) के तहत ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को उपार्जित अवकाश उनके खाते में जोडऩे के स्वीकृति आदेश कई जिलों में अब तक नहीं किए गए हैं।

कोरोना काल में राजस्थान शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से विभिन्न कार्य करवाये

राज्य सरकार के आदेशानुसार सरकारी शिक्षक कोरोनाकाल के दौरान होम आइसोलेशन, क्वारेंटाइन सेंटर, खाद्य वितरण, सर्वे, चेक पोस्ट, एयरपोर्ट, रेलवे, बस स्टैंड, बीएलओ, आत्मनिर्भर योजना में राशन डीलर के यहां जून से स्कूल में ड्यूटी दे रहे हैं।