कोरोना काल की चुनौतियों से निपटेगा शिविरा कलेण्‍डर

Rajasthan Shiksha Exclusive news

बीकानेर। इस बार राजस्‍थान शिक्षा विभाग के वार्षिक कलेण्‍डर में कोरोना के चलते कई फेरबदल होने की आशंका है। जनवरी से शुरू हुए कोरोना कहर कम्‍युनिटी विस्‍तार से निपटने के लिए सरकारों ने बाकी देश के साथ स्‍कूलों और शिक्षा विभागीय गतिविधियों को भी जहां का तहां रोक दिया था, लेकिन अब आगे की चुनौतियों से निपटने के लिए शिक्षा विभाग और विभाग का शिविरा कलेण्‍डर संभावित तैयारियों पर विमर्श कर रहा है।

जिस प्रकार सभी प्रकार के लॉकडाउन में क्रमश: ढील दी जा रही है, उसी तरह यह भी संभावना है कि लॉकडाउन के महत्‍वपूर्ण समय में अधिकांश कक्षाओं का या तो परीक्षा का समय रहा या अभी ग्रीष्‍मकालीन अवकाश का समय चल रहा है, लेकिन जुलाई की शुरूआत तक कोरोना का कहर अगर समाप्‍त हो जाता है अथवा उसका प्रभाव क्षीण हो जाता है तो शिविरा कलेण्‍डर पूर्ववत ही जारी रहेगा, इस वर्ष कुछ महत्‍वपूर्ण फेरबदल किए जा सकते हैं, लेकिन उन्‍हें अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

दूसरी ओर अगर कोरोना का कुछ असर बाकी रहता है तो राजस्‍थान की स्‍कूलों में केन्‍द्र सरकार की तर्ज पर कोरोना से संबंधित सावधानियों को रखते हुए स्‍कूलों को खोला जा सकता है, इसमें छह दिन की कक्षाओं को आधी आधी बांटकर तीन दिन आधे छात्रों और शेष तीन दिन बाकी बचे आधे छात्रों को स्‍कूल बुलाया जा सकता है। इससे सोशल डिस्‍टेंसिंग प्रभावी तरीके से लागू हो पाएगी, कोरोना की रोकथाम में मदद मिलेगी और कक्षाएं जारी रह सकेंगी।

इस प्रयास में आधी कक्षाएं रह जाने से कक्षा एक से बारह तक के पाठ्यक्रम में भी मूलभूत बदलाव करके उसे छोटा करना होगा। ऐसी स्थिति में सभी कक्षाओं के पाठ्यक्रम बदल सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों को इस प्रकार से बदला जाएगा कि सप्‍ताह में तीन दिन की कक्षा के साथ पूरे वर्ष में उस पाठ्यक्रम को स्‍कूल में पूरा करवाया जा सके।

विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने अभी राज्‍य सरकार को जो शिविरा कलेण्‍डर भेजा है, उसमें मुख्‍यमंत्री की बजट घोषणाओं को शामिल करते हुए आंशिक बदलाव के साथ तैयार करके भेजा है। राज्‍य सरकार की अनुमति मिलने के बाद उसे एक जुलाई से लागू किया जाएगा। इस बीच सरकार एवं शिक्षा विभाग कोरोना महामारी के प्रसार और प्रभाव पर भी निगाह बनाए हुए है, इसमें किसी प्रकार का बदलाव होने पर उसके अनुरूप कलेण्‍डर में प्रभावी बदलाव किए जाएंगे।