सुनसान क्षेत्र में बना दिया बालिका विद्यालय का भवन

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छात्राओं में खौफ, शिक्षा विभाग ने नहीं दिया ध्यान, अब ग्रामीण भी कर रहे विरोध

देवगढ़। नगर के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का नवीन भवन सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर सुव्यवस्थित तरीके से बनाया। लेकिन, विद्यालय नगर से दूर सुनसान क्षेत्र में होने और वहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से बालिकाओं के विद्यालय आवागमन के दौरान बेखौफ चक्कर काटते रोमियो के कारण छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय के पास नगर एवं आसपास के कई मनचले पैदल एवं बाइक से चक्कर काटते रहते हैं। यहां तक कि ये छेड़छाड़ करने और पीछा करने से भी नहीं चूकते, जिससे बालिकाएं डरी और सहमी रहती है। लेकिन, स्कूल और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा को लेकर इनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं, स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल भी सुनसान क्षेत्र में ही बना हुआ है, जहां की स्थिति भी यही बनी हुई है।नगर का राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पूर्व में सूरज दरवाजा पर ही बना हुआ, जो मुख्य मार्ग पर होने से ऐसी दिक्कत नहीं थी, लेकिन परिसर छोटा होने से नया परिसर राघव सागर तालाब के पीछे क्षत्रिया बावजी के सामने वाले मार्ग पर संचालित है। यह नगर से करीब एक किलोमीटर दूरी पर स्थित होने एवं सुनसान क्षेत्र होने से छात्राओं को खतरा बना रहता है। मार्ग में तालाब की पाल भी बनी हुई है और दूसरा मार्ग पीतामपुरा और एक मार्ग क्षत्रिया बावजी की तरफ जाता है। सभी मार्ग एकदम सुनसान है, जहां से बालिकाओं को गुजरना पड़ता है। इसी का फायदा उठाते हुए बालिकाओं के स्कूल जाने एवं छुट्टी होने के दौरान नगर एवं आसपास के कई रोमियो ग्रुप बनाकर स्कूल के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं या बाइक से करतब दिखाते हुए चक्कर काटते रहते हैं। इसको लेकर शिकायतों के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिए जाने मनचलों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसको लेकर नगर के लोगों ने दोनों ही स्कूलों के मार्ग पर बालिकाओं के आने व जाने के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। इसको लेकर विद्यालय के आसपास सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं, जिससे कि मनचलों पर पाबंदी लगाई जा सके।

बढ़ाएंगे गश्त

हमें अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। फिर भी गश्त बढ़ा दी जाएगी।

-राजेन्द्र गोदारा, एसएचओ देवगढ़

शिक्षा में किए नवाचारों को कार्यशाला में समझाया

डूंगरपुर। सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डूंगरपुर के संयुक्त तत्वाधान में पीरामल फाउंडेशन फॉर एजुकेशन लीडरशिप के कार्यों की समीक्षा बैठक गुरुवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता सीईओ रुकमिणी रियार ने की। उन्होंने पीरामल फाउंडेशन द्वारा संचालित जिले में प्रधानाध्यापक नेतृत्व विकास कार्यक्रम, आदर्श स्कूल प्रधानाचार्य नेतृत्व विकास कार्यक्रम एवं डाइट ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम की समीक्षा की गई और प्रभावी अवलोकन करने के लिए निर्देशित किया गया। पिरामल फाउंडेशन की प्रोग्राम मैनेजर पुनीता माथुर ने संस्था का परिचय दिया। प्रोग्राम लीडर स्वास्तिका ने प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में संस्था के कार्यों का उल्लेख किया। उदित प्रकाश ने आदर्श स्कूलों के साथ किये गए कार्यों की जानकारी दी। इसके इलावा पीईईओ जगदीश वैष्णव और सुंदर लाल पाटिदार ने संस्था के सहयोग से अपनाए गए नवाचारों और कार्यों के बारे में बताया। एडीपीसी गोवर्धन लाल यादव, एडीईओ गटूलाल अहारी, कार्यवाहक प्रधानाचार्य डाइट हितेश भट्ट, बीईईओ डूंगरपुर विक्रम सिंह अहाड़ा, दोवड़ा बीईईओ रमेश जोशी, एबीओ सागवाड़ा प्रद्युम्न शाह, डाइट फैकल्टी, चयनित ब्लॉक के संदर्भ व्यक्ति उपस्थित रहे। संचालन प्रोग्राम लीडर राजेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर प्रोग्राम मैनेजर प्रवीण पांचाल, पीएल सलोनी जैन, वैशाली शर्मा, कुमारेश बच्चन, जोसमी जोसेफ, कुनाल वैष्णव और अजय कुमार मौजूद रहे।