बोर्ड परीक्षा में लगे शिक्षक अजीब नियम के चलते परेशान

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अन्य विद्यालयों से बोर्ड परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी के लिए आने वाले शिक्षकों के लिए नियम बना परेशानी-ड्यूटी नहीं होने पर फिर से जाना पड़ता है स्कूल

बाड़मेर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान की दसवीं व बारहवीं बोर्ड परीक्षा में लगे शिक्षक (Teacher) अजीब नियम के चलते परेशान हैं। इन्हें हर दिन परीक्षा केन्द्र पर पहुंचना है, लेकिन ड्यूटी नहीं होने पर वापस विद्यालय जाना जरूरी है, इसके चलते न तो ड्यूटी का फायदा मिल रहा है और ना ही विद्यालय पहुंच रहे हैं। दसवीं व बारहवीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर जिले में परीक्षा केन्द्रों पर अन्य विद्यालयों के अध्यापकों की भी ड्यूटी लगाई हुई है। इनमें से अधिकांश शिक्षक वे हैं, जो संबंधित विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ आते हैं। इन शिक्षकों को नए नियम ने परेशान कर दिया है। इस नियम के अनुसार सुबह परीक्षा आरम्भ होने पर पता चलता है कि उनकी आज परीक्षा केन्द्र में ड्यूटी है या नहीं। ड़्यूटी नहीं होने पर उन्हें वापस विद्यालय जाकर ज्वाइन करना होता है। इसमें ग्रामीण इलाकों के शिक्षकों को दिक्कत आ रही है। क्योंकि कई गांव एेसे हैं, जहां एक बस ही आती-जाती है, एेसे में सुबह परीक्षा शुरू होने पर पता चलता है, तब तक बस निकल चुकी होती है। इसके चलते न तो ड्यूटी पर लग पाते हैं और ना ही विद्यालय जाकर पढ़ा सकते हैं।

यात्रा भत्ता न ड्यूटी अलाउंस

जिन शिक्षकों की नियत तारीख को ड्यूटी नहीं होती, उन्हें परीक्षा केन्द्र से न तो यात्रा भत्ता देय होता है और ना ही ड्यूटी अलाउंस का फायदा। दैनिक भत्ता भी नहीं मिलता। एेसे में उनको दोहरी मार सहनी पड़ रही है। स्कूल नहीं पहुंचने पर हाजिरी भी नहीं लगा सकते और ड्यूटी नहीं होने पर बस किराया भी जेब से खर्च कर रहे हैं।

शिक्षकों को हो रही दिक्कत-

नए नियम से शिक्षकों को दिक्कत हो रही है। सुबह ड्यूटी नहीं होने की जानकारी होने के बाद पुन: विद्यालय जाकर ज्वाइन करना मुश्किल हो रहा है। यात्रा भत्ता नहीं मिलने से जेब से रुपए खर्च कर आना-जाना पड़ रहा है। यह नियम गलत है, इसमें संशोधन होना चाहिए।

– देवीसिंह राठौड़ भिंयाड़, शिक्षक नेता