चाबियां खोल सकती हैं चोरी के तालों में बंद राज

Education Shiksha Vibhag

तीन दिन बाद भी विभाग एवं पुलिस की चुप्पी

किसी ठोस निर्णय तक नहीं पहुंच पाई

राउमावि गोकुलपुरा में प्रश्न-पत्र चोरी का मामला

डूंगरपुर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोकुलपुरा में कक्षा छह, सात एवं नौ के प्रश्न-पत्र चोरी का मामला सामने आने के तीन दिन बाद तक नहीं तो विभाग कोई नए सुराग ढूंढ पाया है और नहीं पुलिस प्रशासन किसी जड़ तक पहुंच पाई हैं। रहस्यमयी तरीके से हुए प्रश्न-पत्र चोरी के मामले को लेकर पुलिस और विभाग की शक की सुइयां किसी ठोस निर्णय तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इस पूरे मामले की महत्वपूर्ण सुराग चाबियां ही हैं। यदि पुलिस एवं शिक्षा विभाग इन चाबियों को ही आधार बनाकर गहनता से पड़ताल करें, तो चोरी के बंद ताले खुलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

यहां तो बहुत कम लोग बनाते हैं चाबियां

चोरी की वारदात में तालों को चाबियों से खोला गया है। यदि यह माना जाए कि चाबियां डूप्लीकेट बनाई गई हैं, तो जिला मुख्यालय पर चाबियां बनाने का कार्य बहुत कम लोग करते हैं। उन्हें ताले बता कर पूछताछ की जाए, तो किसी संदिग्ध की पहचान हो सकती है। इस घटनाक्रम में दूसरे पहलु पर गौर करें, तो उस दिन ताले यदि अपनी ही चाबियों से खुले हैं, तो जिन-जिन के पास चाबियां थी उनसे भी गहनता से पड़ताल की जा सकती है।

बच्चों से करवाते है ताले बंद

घटना के दिन पुलिस के सामने स्कूल प्रशासन ने यह स्वीकार किया था कि कई बार कार्य की अधिकता एवं पूर्व में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के नहीं होने पर कई बार बच्चों को ही चाबियां सौंप ताले कक्षों के ताले लगवाते थे। ऐेसे में लापरवाही या जानबुच कर ताले खुले भी रह सकते हैं।

संस्थाप्रधान पर गाज, अन्य को नहीं आंच

शिक्षा महकमे में जिला प्रशासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से की गई कार्रवाई का भी दबे स्वर में शिक्षा महकमे में परस्पर विरोध शुरू हो गया है। इस पूरे प्रकरण में अब तक संस्थाप्रधान की लापरवाही को ही इंगित कर गाज गिराई गई। अन्य तक जांच की आंच पहुंच नहीं पाई है। जबकि, संस्थाप्रधान के पास सम्पूर्ण विद्यालय के संचालन का जिम्मा रहता है। ऐसे में अपने अधीनस्थ जिम्मेदार पदों पर कार्यरत कार्मिकों पर विश्वास जताना स्वाभाविक है।

जल्द ही संस्थाप्रधान होने वाले थे रिलीव

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोकुलपुरा को हाल ही में क्रमोन्नति का तमगा मिला है। पूर्व में यह विद्यालय माध्यमिक दर्जे का था। ऐेसे में संस्थाप्रधान भट्ट अब ऐसे भी विद्यालय में कार्यवाहक की भूमिका ही अदा कर रहे हैं। उन्हें अन्यत्र माध्यमिक दर्जे के स्कूल में स्थानांतरित होकर जाना था। इसके पहले ही यह घटना हो गई।

यह है मामला

राउमावि गोकुलपुरा में 16 अप्रेल को स्कूल खोलने पर परीक्षा कक्ष का ताला पहले से ही खुला हुआ था। कक्ष को खोल अंदर देखा तो परीक्षा आलमारी भी खुली हुई थी और सामने टेबल पर कक्षा छह, सात एवं नौ के प्रश्न पत्रों के पैकेट्स खुले पड़े थे। इस पूरे घटनाक्रम में एक भी ताला खुला नहीं था और सभी ताले चाबियों से खोले गए थे। जबकि, चाबियां संविदाकर्मी सहायक कर्मी, परीक्षा प्रभारी एवं विद्यालय के अन्य वरिष्ठ अध्यापक के पास थी।