थर्ड ग्रेड शिक्षक अब कहलाएंगे अध्यापक

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदनाम का लेकर राज्य सरकार ने अहम फैसला लियाहै।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदनाम का लेकर राज्य सरकार ने अहम फैसला लियाहै।

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदनाम का लेकर राज्य सरकार ने अहम फैसला लियाहै।


थर्ड ग्रेड शिक्षक अब कहलाएंगे अध्यापक
थर्ड ग्रेड शिक्षक का पदनाम होगा अब अध्यापक लेवल.1 व लेवल.2
शारीरिक शिक्षक का पदनाम अब होगा प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा
वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक, शारीरिक शिक्षा अध्यापक
पत्राचारों एवं कार्यालय उपयोग में पदनाम लिया जाएगा उपयोग
तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने दिए थे निर्देश
विभाग की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए आदेश किए जारी
जयपुर।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदनाम का लेकर राज्य सरकार ने अहम फैसला लियाहै। थर्ड ग्रेड शिक्षक का पदनाम अध्यापक (लेवन वन और लेवल टू) होगा। वहीं शारीरिक शिक्षक (ग्रेड प्रथम,द्वितीय और तृतीय) का पदनाम प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा,वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक और शारीरिक शिक्षा अध्यापक कहा जाएगा। गौरतलब है कि तत्कालीन शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इस संबंध में निर्देश दिए थे,जिस पर कार्यवाही करते हुए विभाग ने यह निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से किए जाने वाले पत्राचार और कार्यालय उपयोग में अब से नए पदनामों का उपयोग किया जाएगा।स्टूडेंट्स ने जाने क्रिएटिविटी के मायने
जयपुर
डिजाइनिंग स्टूडेंट्स को ऑब्जर्वेशन स्किल डवलप करनी चाहिए, इसके लिए सतत् अभ्यास की आवश्यक्ता है। कुछ ऐसी ही बातें कहीं एक्सपट्र्स ने। मौका था जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी की ओर से एएफए में क्रेकिंग क्रिएटिव एंड सब्जेक्टिव सवालों पर आयोजित डिजाइन वर्कशॉप का। इस मौके पर डिजाइन एक्सपट्र्स ने स्टूडेंट्स को डिजाइनिंग से जुडे विभिन्न नवाचारों के बारे में बताया साथ ही ग्लोबल लेवल पर डिजाइन के क्षेत्र में बढ़ी मांग एवं परिवर्तनों के बारे में जानकारी दी।

इस मौके पर डिजाइन फैकल्टी वैभवी कौशिक ने स्टूडेंट्स की विभिन्न क्वेरीज के मौके पर ही जवाब दिए। वर्कशॉप कॉर्डिनेटर गिरीजा पारीक ने बताया कि यूनिवर्सिटी के डिजाइन डिपार्टमेंट की ओर से विभिन्न डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट में वर्कशॉप की श्रंखला शुरू की गई है, जिससे बच्चे आगे के स्तर पर अपडेट हो सके।