युवाओं ने चलाई रंग भरी कूंची तो स्कूल की दीवारें भी बोल उठीं

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प्राथमिक विद्यालय श्रीराम कॉलोनी की बदल दी सूरत

बांसवाड़ा। रंगीन दीवारें। बच्चे की पसंद के मिक्की माउस और छोटा भीम। शिक्षा का संदेश देते स्लोगन। राजकीय प्राथमिक विद्यालय श्रीराम कॉलोनी की अब यह नई पहचान है। स्पर्श संस्थान के युवाओं ने (The youth) यहां कुछ करने की ठानी और कर दिखाया। संस्था के सदस्य करीब एक माह पूर्व यहां पहुंचे तो विद्यालय की हालत खराब दिखी। दीवारें बदरंग थीं तो दरवाजे से लेकर ब्लेक बोर्ड भी रंगहीन हो चले थे जिसके चलते छात्रों में भी उत्साह कम ही दिखाई दे रहा था।

छात्रों को विद्यालय की ओर आकर्षित करने के लिए सदस्यों ने बीओबी शाखा के शाखा प्रबन्धक बी के कोठारी के माध्यम से रंगों का इंतजाम कर श्रमदान शुरू किया। सभी ने मिलकर रंगों भरी कूंची चलाई तो दीवारें रंगीन होकर बोल उठीं, जिससे उठा पैगाम छात्रों में जोश भर गया। संस्था की स्वाति जैन, अजीतसिंह चौहान, आदिल परवेज, अनुज शर्मा, कुलदीप त्रिपाठी, वसीम पठान, ताहील सिलावट, हरिश जोशी, जूगनू द्विवेदी, मजहर शेख ने एक माह तक विद्यालय को सुन्दर बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी।अब यहां से गुजरने वाले लोगों की एकबारगी निगाहें रुक सी जाती हैं। गरीब बच्चों के शिक्षा का यह मंदिर अब किसी निजी विद्यालय से कम नहीं है।

अध्यापक कांतिलाल पटेल ने बताया कि रंग-रोगन होने के बाद बच्चे भी अब खुश हैं। वहीं विद्यालय के लिए जमीन दान करने वाले अरिवन्द तीरगर भी इस मुहिम से खुश हैं एवं विश्वास व्यक्त किया कि इस पिछड़े क्षेत्र में विद्यालय का कायाकल्प होने के बाद यहां अधिक से अधिक बच्चे पढऩे के लिए आगे आएंगे। युवाओं ने दीवारों पर बच्चों के पसंदीदा कार्टून केरेक्टरर्स छोटा भीम, डोरेमोन, सिनचेन और मोटी पतलू आदि के चित्रों को उकेर कर भी बच्चों को रोजाना स्कूल आने के लिए मजबूर कर देने जैसा काम किया है। स्पर्श संस्थान के युवाओं के इस काम को हर किसी ने सराहनीय कदम बताया।