टॉप यूनिवर्सिटी को भारत लाने की कोशिश

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2023 में G20 Summit भारत में होने वाला है. भारत की अध्यक्षता में यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (जी20 समिट) सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. इस मौके पर दुनिया के सामने देश की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पेश की जा सकती है. इंटरनेशनल एजुकेशन, यूनिवर्सिटीज का ध्यान भारत की ओर खींचने को लेकर UGC चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने ये बात कही है. उनके अनुसार National Education Policy (NEP) इसमें अहम भूमिका निभा सकती है.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष जगदीश कुमार G 20 ‘यूनिवर्सिटी कनेक्ट: इंगेजिंग यंग माइंड्स’ कार्यक्रम में कहा, ‘हम शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण पर काम कर रहे हैं. इस बीच जब हम जी-20 की बात करते हैं तो यह विषय महत्वपूर्ण हो जाता है.’

उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले भारत ने दूरदृष्टि वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति पेश की. पिछले दो वर्षो में इसे लागू करने के लिए काम किया जा रहा है. इसमें अनेक शिक्षा सुधार शामिल हैं. NEP 2020 पढ़ने-पढ़ाने और उससे जुड़े विषयों में लचीलापन और स्वतंत्रता देती है. इस संबंध में कई सुधार किए जा रहे हैं. इसमें बहुआयामी समग्र शिक्षा, शिक्षकों की क्षमता को मजबूत बनाने, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ी व्यवस्था को बेहतर बनाने जैसे काम शामिल हैं. G20 India समित के दौरान एनईपी को छात्रों के सशक्तिकरण के नमूने के तौर पर पेश किया जा सकता है.

World Top Universities को भारत बुलाने की कोशिश
यूजीसी चेयरमैन M Jagadesh Kumar ने कहा, ‘हम देश में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा लाना चाहते हैं. दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज को भारत में अपना कैंपस बनाने के लिए आमंत्रित करने की पहल में यूजीसी सहायक और उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में काम करेगा. देश में शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय बनाने की पहल इसी से शुरू होती है. दुनिया के जाने माने विश्वविद्यालयों को भारत में अपना कैंपस स्थापित करने के लिए बुलाकर और छात्रों को दूसरे देशों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करके अंजाम दिया जा रहा है.’

उन्होंने कहा कि ‘दुनिया के सामने आज तीन बड़ी चुनौतियां हैं- बढ़ती असमानता, विफल होती आर्थिक प्रणाली और खराब होता पर्यावरण. जब हम भारत को देखते हैं तो पाते हैं कि 15 से 25 साल के आयु वर्ग के 30 करोड़ युवा हैं जिनकी अपनी आकांक्षाएं हैं.’

‘इन युवाओं में खास बात यह है कि वे सीखने को तत्पर रहते हैं. वे रचनात्मकता एवं नवाचार को लेकर उत्सुक हैं. वे समस्याओं का समाधान निकालना चाहते हैं. यथा स्थिति पर सवाल उठाते हैं और खतरा उठाना चाहते हैं. एक ओर चुनौतियां हैं और दूसरी ओर युवाओं की आकांक्षाएं हैं. ऐसे में चुनौतियों का समाधान युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करके ही निकाला जा सकता है.’

वहीं, छात्रों के डिजिटल सशक्तिकरण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के हर छात्र तक टेक्नोलॉजी का उपयोग करके उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं. कौशल शिक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रणाली में 500 स्किल सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है.

साभार : www.tv9hindi.com